मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस, राशन, बिजली, पेयजल और शिक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस, अधिकारियों को रोजाना निगरानी के निर्देश
बलिया। गंगा और घाघरा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सभी विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपते हुए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में जिलाधिकारी ने गंगा एवं घाघरा नदी के जलस्तर की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को तत्काल कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को 142 रेड जोन गांवों में मेडिकल कैंप स्थापित करने, स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती, एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। गर्भवती महिलाओं एवं अन्य संवेदनशील व्यक्तियों की अलग सूची तैयार कर विशेष कार्ययोजना बनाने को भी कहा गया।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं के सुरक्षित ठहराव, चारे की व्यवस्था और टीकाकरण की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। जिला पंचायती राज अधिकारी को बाढ़ के दौरान तथा बाद में व्यापक स्वच्छता अभियान संचालित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बेसिक शिक्षा अधिकारी को बाढ़ प्रभावित 123 विद्यालयों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने, शिक्षकों का व्हाट्सएप समूह बनाने तथा विभागीय कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
सिंचाई विभाग को सामान्य एवं बाढ़ प्रभावित गांवों का तहसीलवार मानचित्र तैयार करने, जबकि लोक निर्माण विभाग को संभावित रूप से क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों और वैकल्पिक मार्गों की योजना तैयार करने को कहा गया।
विद्युत विभाग को जलमग्न होने वाले बिजली के खंभों एवं आपूर्ति व्यवस्था की सुरक्षा योजना तैयार करने, जल निगम को पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा होमगार्ड विभाग को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जवानों की तैनाती की योजना बनाने के निर्देश दिए गए।
जिला पूर्ति अधिकारी को संभावित बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए मिट्टी के तेल की अतिरिक्त मांग शासन को भेजने तथा अगस्त माह का राशन प्रथम सप्ताह में ही वितरित कराने के निर्देश दिए गए। वहीं सभी खंड विकास अधिकारियों को प्रतिदिन बाढ़ प्रभावित गांवों का भ्रमण कर स्थिति की निगरानी करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी सतर्कता एवं जिम्मेदारी से कार्य करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी गुलशन जी, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभय कुमार राय सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
