बलिया। घाघरा और गंगा के बढ़ते जलस्तर तथा कटान की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाढ़ राहत से लेकर कटान प्रभावित किसानों को मुआवजा देने तक किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभावित बाढ़ एवं कटान से निपटने के लिए सभी विभागों को समय रहते आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने बताया कि बेल्थरारोड, सिकंदरपुर, बांसडीह, सदर और बैरिया तहसील के कुल 106 गांव बाढ़ प्रभावित रेड जोन में हैं। संबंधित बीडीओ को गांवों की सूची उपलब्ध कराते हुए राहत केंद्रों के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने और पूर्व निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में घाघरा और गंगा नदी के कटान की समीक्षा भी की गई। बैरिया के वशिष्ठ नगर, गोपालनगर टाड़ी, सिवान मठिया, बांसडीह के भोजपुरवा, महाराजपुर, चांदपुर तथा सिकंदरपुर के दियरा बंसीदास, बिजलीपुर दियारा महाराजपुरा, निपनिया और डूहा बिहरा सहित आठ गांवों में कटान की स्थिति गंभीर बताई गई।
जिलाधिकारी ने एसडीएम और लेखपालों को निर्देश दिया कि जिन किसानों की भूमि कटान में समा चुकी है, उन्हें तत्काल मुआवजा दिया जाए। लेखपालों को प्रतिदिन कटान की रिपोर्ट उपलब्ध कराने तथा सिंचाई विभाग को तटबंधों की मरम्मत, जल निकासी, नालों की सफाई और सिल्ट हटाने की दैनिक प्रगति रिपोर्ट देने को कहा गया।
गोपालनगर टाड़ी में नदी में समाए तीन मकानों के प्रभावित परिवारों को जमीन का पट्टा, आवास और मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं भोजपुरवा गांव में नदी में बह चुकी पेयजल टंकी के स्थान पर वैकल्पिक शुद्ध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
बेसिक शिक्षा अधिकारी को भोजपुरवा में नदी में समाए विद्यालय के नौ शिक्षकों की सूची उपलब्ध कराने तथा पंचायत भवन में संचालित कक्षाओं में मिड-डे मील की जांच कराने का निर्देश दिया गया।
बाढ़ राहत केंद्रों पर जनरेटर, भोजन, हैंडपंप, नाव, लाइफ जैकेट समेत सभी आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था होगी। प्रत्येक नाव पर दो लाइफ जैकेट और ष्जिला प्रशासन बलियाष् अंकित झंडा लगाया जाएगा। स्वास्थ्य, पशुपालन, खाद्यान्न, सड़क, कंट्रोल रूम और लाउडस्पीकर व्यवस्था को लेकर भी संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई। डीएम ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तीन समितियों का गठन किया जाएगा तथा एनडीआरएफ और पीएसी की टीमें भी तैनात रहेंगी।
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