महाराष्ट्र में रायगढ़ जिले के खालापुर तालुका स्थित खोपोली के प्रसिद्ध Zenith Waterfall क्षेत्र में फंसे 100 से अधिक पर्यटकों को स्थानीय ग्रामीणों ने सुरक्षित बचा लिया। दरअसल, पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण इलाके की नदियों और झरनों का जलस्तर बढ़ गया है। साथ ही, इनका बहाव काफी तेज हो गया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में पर्यटक जेनिथ झरना देखने पहुंचे और बाद में फंस गए।
बता दें कि टूरिस्ट जब जेनिथ झरना पर पहुंचे तो उसी दौरान अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और 100 से ज्यादा पर्यटक जेनिथ झरना क्षेत्र में फंस गए। फिर, घटना की सूचना मिलते ही विहारी ठाकुरवाड़ी गांव के स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सूझ-बूझ व साहस का परिचय देते हुए रस्सियों की मदद से सभी पर्यटकों को तेज बहाव के बीच सुरक्षित बाहर निकाला।
ग्रामीण, पानी का तेज बहाव पार करके पर्यटकों तक गए और फिर रस्सी के सहारे में उन्हें पानी से निकाला। इस रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो सामने आया है जिसमें पानी के तेज बहाव के बीच, ग्रामीण पर्यटकों को रेसक्यू करते हुए नजर आ रहे हैं।
चश्मदीदों के मुताबिक, तेज बारिश के कारण कुछ ही मिनटों में झरने का वाटर लेवल अचानक बढ़ गया, जिससे टूरिस्ट्स को सुरक्षित बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया। कई लोग एक किनारे ऊंची जगह पर खड़े हो गए और मदद का इंतजार करने लगे। हालात बिगड़ते देख लोकल लोगों ने बिना देरी के रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और एक-एक कर सभी टूरिस्ट्स को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। गनीमत रही कि सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, इस घटना में किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है।
वहीं, रायगढ़ प्रशासन ने भी लोगों से अनुरोध किया है कि मानसून के दौरान नदियों, झरनों और पहाड़ी टूरिस्ट प्लेस पर जाने से पहले मौसम और लोकल प्रशासन की तरफ से दी गई चेतावनियों का पालन करें। अफसरों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश की वजह से वाटरलेवल कभी भी अचानक बढ़ सकता है, जिससे ऐसी जगहों पर जान का खतरा पैदा हो सकता है। साथ ही, टूरिस्ट्स से जोखिम वाले इलाकों में फोटो लेने या पानी के तेज बहाव के नजदीक जाने से बचने की भी सलाह दी गई है।
