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लखनऊः एक ही व्यक्ति के दो अलग-अलग जिलों से जारी जन्म प्रमाण पत्र आए सामने,नगर निगम सवालों के कठघरे मे..


लखनऊ। राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम थाना क्षेत्र से धोखाधड़ी और जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक बुजुर्ग विधवा महिला ने अपने ही परिवार के एक युवक और उसकी पत्नी पर संपत्ति हड़पने की नीयत से फर्जी दस्तावेज और दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन के गृह सचिव, मुख्यमंत्री और स्थानीय पुलिस को शिकायती पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और प्राथमिकी (थ्प्त्) दर्ज करने की मांग की है।

जानकीपुरम सेक्टर-एफ (भवन संख्यारू सी-2ध्169) की निवासी पीड़िता विभा अग्रवाल (उम्र लगभग 62 वर्ष) पत्नी दिवंगत सुभाष चंद्र अग्रवाल ने बताया कि उनके पति का देहांत 13 नवंबर 2022 को हो गया था। पीड़िता के अनुसार, उनकी पत्नी के भाई सुरेश चंद्र अग्रवाल का एक पुत्र है, जिसका नाम सौरभ अग्रवाल है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण सौरभ को बचपन में पीड़िता के घर पर ही पढ़ाई-लिखाई के लिए रखा गया था।

पीड़िता का आरोप है कि सुभाष चंद्र अग्रवाल की मृत्यु के बाद सौरभ अग्रवाल और उसकी पत्नी भावना अग्रवाल (उर्फ भावना गुप्ता) की नीयत खराब हो गई। दोनों ने कथित तौर पर एक सोची-समझी साजिश के तहत सुभाष चंद्र अग्रवाल के मकान और संपत्ति को हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए।

जानकारी अनुसार सौरभ अग्रवाल के दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र सामने आए हैं।पहला प्रमाण पत्र जिला फिरोजाबाद का है जिसमे वर्ष 1984 में फिरोजाबाद से जारी इस प्रमाण पत्र मे दिनांक 09.07.2015 के अनुसार, बच्चे का नाम श्बेबी ऑफ मीनाश् (लिंगरू पुरुष) है। इसमें जन्म तिथि 16 जुलाई 1984 दर्ज है और माता का नाम मीना व पिता का नाम सुरेश चंद्र लिखा है। दूसरा प्रमाण पत्र नगर निगम लखनऊ का है जिसमे  वर्ष 2022 में लखनऊ नगर निगम द्वारा जारी इस प्रमाण पत्र में नाम सौरभ अग्रवाल दर्ज है। इसमें जन्म तिथि 16 जुलाई 1987 दिखाई गई है, लेकिन चैंकाने वाली बात यह है कि इसमें माता के स्थान पर ऊषा अग्रवाल (सुभाष चंद्र अग्रवाल की पहली दिवंगत पत्नी) और पिता के स्थान पर अपने फूफा का नाम सुभाष चंद्र अग्रवाल का दर्ज कराया गया है।

लखनऊ नगर निगम के जोन-3 कार्यालय से मिली आख्या के अनुसार, यह जन्म प्रमाण पत्र मुख्य जन्म-मृत्यु पंजीकरण आईडी पर पंजीकृत ही नहीं पाया गया है, जिससे इसके फर्जी होने का संदेह और गहरा गया है मगर नगर निगम ने इसे फर्जी भी नहीं लिखा एवं न ही कोई जांच की करवाई करते हुए सौरभ अग्रवाल पर कोई फर्जीवाड़ा करने का कोई मुकदमा ही कायम कराया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि सौरभ और उसकी पत्नी आए दिन उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट करते हैं, तथा उनके घर पर अवैध रूप से कैमरा लगाकर उनकी जासूसी व प्रताड़ित कर रहे हैं और उनकी जान को भी खतरा है।

पीड़िता ने मीडिया के माध्यम से लखनऊ पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि इन दोनों संदिग्ध जन्म प्रमाण पत्रों की गहनता से जांच की जाए। साथ ही, साजिशकर्ता सौरभ अग्रवाल और उसकी पत्नी भावना गुप्ता के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और प्रताड़ना की धाराओं में तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (थ्प्त्) दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

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