बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए एसआईआर में हेरफेर-सागरिका घोष
June 30, 2026
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का जिन्न एक बार फिर बाहर आया है. बंगाल चुनाव में एसआईआर को लेकर जमकर बवाल मचा था और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) की बीजेपी के हाथों करारी शिकस्त हुई. ऐसे में एक बार फिर टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने आरोप लगाया है कि बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए वोटर लिस्ट प्रक्रिया में हेरफेर किया जा रहा है.
सागरिका घोष ने कहा कि 23 विपक्षी दलों ने संयुक्त रूप से CJI को लेटर लिखकर चुनावी प्रक्रिया की न्यायिक जांच की मांग की है. न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए घोष ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया को लेकर चिंताएं उठाने में विपक्ष एकजुट है और उन्होंने चुनाव आयोग पर सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया है.
टीएमसी नेता ने कहा कि गैर-NDA विपक्ष में इस बात को लेकर पूरी एकता है कि SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल BJP को फायदा पहुंचाने और चुनाव नतीजों में हेर-फेर करने के लिए किया जा रहा है. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि विपक्ष की 23 पार्टियों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को लेटर लिखा है. इसमें उन्होंने सर्वोच्च अदालत से अपील की है कि वे उस तरीके पर ध्यान दें, जिससे SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल BJP को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है.
घोष ने आरोप लगाया कि चुनाव, वोटिंग और चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इस मामले की जांच के लिए न्यायपालिका का रुख किया है. उन्होंने कहा, "पहली बार 23 विपक्षी दलों ने मिलकर न्यायपालिका से अपील करते हुए एक पत्र लिखा है. यह पत्र भारत के मुख्य न्यायाधीश को लिखा गया है, जिसमें न्यायपालिका से उस तरीके के बारे में ध्यान देने को कहा गया है, जिससे BJP को फायदा पहुंचाने के लिए SIR प्रक्रिया में हेरफेर किया जा रहा है."
राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने बताया कि 21 विपक्षी दलों ने पहले 8 जून को बैठक की थी और SIR प्रक्रिया में बताई गई गड़बड़ियों का मिलकर विरोध करने का फैसला किया था. उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम भी सीजेआई को लिखे पत्र में शामिल हैं उनकी ओर से भी इस पर साइन किए गए हैं. विपक्ष के भीतर मतभेदों की बातों को खारिज करते हुए घोष ने कहा कि सभी गैर-NDA दल मिलकर काम कर रहे हैं.
