अमेठीः भारतीय किसान यूनियन ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
June 22, 2026
अमेठी। जनपद में किसानों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने सोमवार को जिलाधिकारी अमेठी को 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। संगठन ने किसानों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए प्रशासन को 35 दिनों की समयसीमा दी है। साथ ही चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर व्यापक किसान आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के जिलाध्यक्ष हरीश उर्फ चुन्नू सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में किसानों से जुड़ी अनेक गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में कहा गया कि किसान आज भी उचित मूल्य, सिंचाई, उन्नत बीज, खाद, बिजली, फसल बीमा और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। किसानों को अपनी फसलों का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।किसान यूनियन ने मांग की कि किसानों की फसलों का समर्थन मूल्य सुनिश्चित किया जाए तथा खरीद और भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए। इसके साथ ही किसान आईडी बनाने की प्रक्रिया को सरल कर सभी पात्र किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। ज्ञापन में नकली बीज, उर्वरक एवं कीटनाशकों की बिक्री पर कड़ी रोक लगाने और दोषी कंपनियों व संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। यूनियन ने कहा कि नकली कृषि सामग्री के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और उनकी फसलें प्रभावित होती हैं।संगठन ने फसल बीमा योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने, प्राकृतिक आपदाओं, कीट प्रकोप एवं अन्य कारणों से फसल क्षति होने पर किसानों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। इसके अलावा नहरों की सफाई, ट्यूबवेलों की मरम्मत तथा पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।किसान यूनियन ने ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि विद्युत आपूर्ति में सुधार, किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने तथा कृषि उपकरणों और उन्नत तकनीकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग की। साथ ही बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को ब्याज सहित दिलाने और कृषि ऋण संबंधी समस्याओं का समाधान करने की बात कही गई।ज्ञापन में भूमि विवादों, खतौनी संबंधी समस्याओं और अन्य राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की मांग भी की गई। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर विशेष किसान समाधान शिविर आयोजित करने का सुझाव दिया गयज्ञं भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ज्ञापन में उल्लिखित सभी बिंदुओं पर शीघ्र कार्रवाई की जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि 35 दिनों के भीतर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो जिले के किसान लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
