भीषण मौसम में समुद्र में फंसी मछली पकड़ने वाली नाव, कोस्ट गार्ड ने बचाई 6 मछुआरों की जान
June 30, 2026
भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने एक साहसिक और चुनौतीपूर्ण समुद्री बचाव अभियान चलाते हुए कर्नाटक के मंगलुरु तट के पास संकट में फंसे 6 मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया। 29 जून 2026 की शाम चलाए गए इस ऑपरेशन में खराब मौसम, ऊंची लहरें, तेज हवाएं, कम दृश्यता और अंधेरा जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद तटरक्षक बल ने सभी मछुआरों को बिना किसी चोट के सुरक्षित निकाल लिया। यह अभियान ICG की तत्परता, पेशेवर क्षमता और समुद्र में लोगों की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण माना जा रहा है।
भारतीय तटरक्षक बल के मुताबिक, 29 जून को शाम करीब 4 बजे तटरक्षक पोत आईसीजीएस सचेत (ICGS Sachet) को VHF रेडियो के माध्यम से एक इमरजेंसी मैसेज मिला। यह मैसेज मछली पकड़ने वाली भारतीय नाव IFB मंजू माथा से भेजा गया था, जो सूरतकल तट से लगभग 33 समुद्री मील दूर समुद्र में फंसी हुई थी। नाव में समुद्र की ऊंची लहरों और खराब मौसम के कारण तेजी से पानी भर रहा था तथा उसके ढांचे को भी नुकसान पहुंच चुका था, जिससे उसमें सवार सभी 6 मछुआरों की जिंदगी के लिए खतरा पैदा हो गया था।
सूचना मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल ने बिना देरी किए अपने जहाज का मार्ग बदला और राहत के लिए रवाना हो गया। करीब 90 मिनट के भीतर ICGS सचेत संकटग्रस्त नाव के पास पहुंच गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही थीं, तेज हवाएं चल रही थीं, दृश्यता बेहद कम थी और अंधेरा भी तेजी से बढ़ रहा था। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद तटरक्षक बल के जवानों ने उत्कृष्ट समुद्री कौशल, सटीक योजना और बेहतर समन्वय का परिचय देते हुए ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।
बचाव अभियान में आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया। ICG ने रिमोट संचालित लाइफबॉय (Remote Operated Lifebuoys) का इस्तेमाल किया, जिन्हें विशेष रूप से खराब समुद्री परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्य के लिए तैयार किया गया है। इनकी मदद से सभी 6 मछुआरों तक सुरक्षित पहुंच बनाई गई और उन्हें एक-एक कर बाहर निकाला गया। शाम 6 बजे तक सभी 6 मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया गया और किसी को भी किसी तरह की चोट नहीं आई।
सफल बचाव अभियान के बाद ICGS सचेत सभी मछुआरों को लेकर न्यू मंगलुरु बंदरगाह की ओर रवाना हो गया, जहां आगे की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। भारतीय तटरक्षक बल ने कहा कि यह अभियान समुद्र में लोगों की सुरक्षा के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह अभियान दिखाता है कि आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित जवानों का साहस, बेहतर प्रशिक्षण और पेशेवर दक्षता मिलकर सबसे कठिन समुद्री आपात स्थितियों का भी सफलतापूर्वक सामना कर सकते हैं।
ICG ने दोहराया कि वह अपने आदर्श वाक्य 'वयम् रक्षामः' (हम रक्षा करते हैं) के अनुरूप भारत के समुद्री क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए हुए है और समुद्र में संकट में फंसे लोगों की हरसंभव मदद के लिए हमेशा तैयार रहता है। बचाई गई नाव IFB मंजू माथा का रजिस्ट्रेशन उडुपी में हुआ है। इसका रजिस्ट्रेशन नंबर IND KA 02 MO 5268 है। 2019 में बनी यह फाइबर ग्लास की नाव 10.97 मीटर लंबी, 3.05 मीटर चौड़ी और 1.45 मीटर ड्राफ्ट वाली है।
