दिल्ली 600 करोड़ के हेल्थ स्कैम की जांच तेज, घोटाले की खुलेंगी परतें
June 25, 2026
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े 600 करोड़ रुपये के हेल्थ स्कैम मामले में मेडिकल उपकरणों की खरीद में जांच तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू कर दी है। ईडी ने मेडिकल उपकरणों और स्वास्थ्य सामग्री की खरीद प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं की पड़ताल शुरू करते हुए स्वास्थ्य विभाग से विस्तृत दस्तावेज तलब किए हैं।
600 करोड़ रुपये के हेल्थ स्कैम मामले में जांच के दायरे में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, सी-आर्म रेडियोलॉजिकल इक्विपमेंट, एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट (ORS), बेड शीट, लिनेन सामान, सर्जिकल आइटम, ड्रेसिंग, स्यूचर, कैनुला, ग्लव्स और दवाइयों जैसी खरीद शामिल हैं। मेडिकल उपकरणों और स्वास्थ्य सामग्री के टेंडर, भुगतान और सप्लाई से जुड़ा पूरा ब्यौरा विभाग से मांगा गया है।
ईडी की दिल्ली जोन-2 टीम ने डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज (DGHS), दिल्ली सरकार को पत्र भेजकर सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) और डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज (DGHS) द्वारा की गई खरीद से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। बता दें कि ईडी ने विभाग से यह जानकारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत चल रही जांच के दौरान मांगे है।
ईडी ने टेंडर प्रक्रिया, तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन, ठेके देने की प्रक्रिया, सामान की सप्लाई, जांच, मंजूरी और पेमेंट रिलीज से जुड़े रिकॉर्ड भी मांगे हैं। इसके अलावा ईडी ने उन कंपनियों, मैन्युफैक्चरर्स, OEM और डिस्ट्रीब्यूटर्स से जुड़े लेन-देन की जानकारी मांगी है, जिनसे मेडिकल उपकरण खरीदे गए थे। जिन कंपनियों और उपकरणों से जुड़े रिकॉर्ड मांगे गए हैं, उनमें पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, सी-आर्म मशीन और एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं।
इस पूरे मामले में पूछताछ जारी है। ईडी इस पूरे मामले में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मेडिकल सामान की खरीद प्रक्रिया में कोई अनियमितता, वित्तीय गड़बड़ी या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला तो नहीं है।
