लखनऊ । शीर्ष प्रबंधन द्वारा बड़ी गर्म जोशी के साथ हड़बड़ाहट में लागू की गई वर्टिकल व्यवस्था पहली गर्मी में ही औंधे मुंह गिर गई इससे पहले भी गर्मियां पड़ी राजधानी वासियों ने सभी मौसम देखें परंतु ऐसी दुर्गति कभी नहीं हुई राजधानी का सबसे बड़ाअमौसी जोन है जहां पर लगभग 6.50 लाख उपभोक्ता है सात डिवीजन में कार्य करने वाला अमौसी जोन को एक अधिशासी अभियंता के हवाले कर दिया गया करेला ऊपर से नीम चढ़ाजल्दबाजी में लागू की गई व्यवस्था विरोध रोकने के नाम पर राजधानी से भली भांति परिचित पुराने कार्मिकों को उठाकर बाहर भेज दिया गया इनमें से कुछ तो ऐसे थे जिनको बिना कारण ही मामूली आरोप के चलते ही डिस्काम तक बदल दिए गए जबकि उनका निलंबन भी नहीं हुआ था इसका असर विद्युत व्यवस्था पर पड़ा संविदा कर्मी को एवं जह2 कार्मिकों को बड़ी संख्या में राजधानी से हटा दिया गया इससे व्यवस्था बेपटरी हो गई
कुछ वहां पहले तक कंज्यूमर स्मार्ट मीटर प्रीपेड व्यवस्था से परेशान था वही उसके गुस्से को बढ़ाने का कार्य किया एनसीसी द्वारा लगाई गई घटिया केबल नेजो कि लोड पड़ते ही मोमबत्ती की तरह टपकने लगती है ध्यान से देखा जाए तो राजधानी में केबल जलने के सभी मामलों में एनसीसी कंपनी द्वारा डाली गई केबल ही है ।
विधायक सांसद पार्षद तमाम जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी सरकार के खिलाफ पत्र लिखकर सरकार को चेताया गया जिससे चिंतित होकर मुख्यमंत्री को व्यवस्था अपने हाथ में लेनी पड़ी इससे प्रशासन बैक फुट पर आ गया आनन फान में अन्य जनपदों से 44 टेक्नीशियन वापस बुलाए गए कई अन्य इंजीनियरों को नियुक्ति दी जा रही है अधीक्षण अभियंता एवं डायरेक्टर स्तर के लोगों को फील्ड में भेजा जा रहा है।
लेकिन निष्कर्ष वही ढाक के तीन पात जिसे राजधानी की आबो हवा का ज्ञान नहीं लाइन चार्ट का पता नहीं वह कार्मिक ऐसी भीषण दुर्व्यवस्था में कैसे अपना कला कौशल दिखा पाएगा एवं बड़े अधिकारी पावर हाउस पर फोटो खिंचा कर आल इस वेल का नारा देते हुए प्रबंधन को खुश करने का काम कर रहे हैं । जबकि वास्तविकता है संसाधन एवं कार्मिकों की पर्याप्त संख्या में वृद्धि कर राजधानी के सभी उपेंद्रों पर तैनात किया जाए।

