आगरा। जिला प्रशासन ने किसान नेता श्याम सिंह चाहर को शुक्रवार रात उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। पुलिस बल देर रात से सुबह करीब 3 बजे तक उनके घर पर तैनात रहा। थाना सदर प्रभारी विजय विक्रम सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। एसीपी सदर रामप्रवेश गुप्ता और एसडीएम सदर ने भी फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।
शुक्रवार दोपहर 12रू30 बजे एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक में एसीपी सदर रामप्रवेश गुप्ता, डीआर आदित्य कुमार दुबे, एआर विजय कुमार, जीएम वरुण यादव सहित किसान नेता श्याम सिंह चाहर, मुकेश पाठक, लाखन सिंह त्यागी, सोनू शर्मा और लक्ष्मी नारायण बघेल आदि मौजूद रहे।
बैठक के दौरान किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक तथा संयुक्त आयुक्त व संयुक्त निबंधक स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत से वेतनभोगी समितियों में करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है। आरोप है कि ऐसे लोगों को भी धनराशि दी गई, जो न विभाग के कर्मचारी हैं और न ही समितियों के सदस्य।
उन्होंने बीमा, स्वास्थ्य, सीओडी, नगर निगम, परिवहन और आवास समितियों में व्यापक अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि कई समितियों में अयोग्य व्यक्तियों को सचिव बनाया गया, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनसूचना अधिकार के तहत मांगी गई रिपोर्ट अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई और शिकायतों पर कार्रवाई टाली जा रही है।
किसान नेता ने दावा किया कि सीडीओ के निर्देश पर डीपीआरओ मनीष कुमार द्वारा कराई गई जांच में मामले का खुलासा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद दोषियों को बचाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराने का भी आरोप लगाया।
बैठक में एडीएम प्रशासन ने सभी वेतनभोगी और आवास समितियों की सूची तैयार कर शिकायतों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मुकदमा दर्ज कराने का आश्वासन दिया।
इसी बीच लखनऊ से आयुक्त अनिल कुमार (बैंकिंग) ने किसान नेता से फोन पर बात कर भरोसा दिलाया कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक आदित्य कुमार दुबे समेत अन्य संबंधित अधिकारियों और समिति सचिवों को नोटिस भेजकर जल्द ही लखनऊ में बैठक बुलाई जाएगी।
संयुक्त आयुक्त आदित्य कुमार दुबे ने बताया कि जांच अधिकारियों का वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं और गोदाम निर्माण की जांच रिपोर्ट आने तक किसी को भुगतान नहीं किया जाएगा।
किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आयुक्त, आगरा मंडल कार्यालय पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सहकारिता विभाग की होगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसानों की शेयर मनी सदस्यता के रूप में बड़ी धनराशि जमा है और गरीब बच्चों के लिए सरकार द्वारा दी गई करीब 20 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति का भी वितरण नहीं किया गया। मौके पर दिनेश तोमर, लाखन सिंह, विशम्बर सिंह, संतोष सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
