लखनऊ/दिल्ली । कार्यक्रम का उद्देश्य सिविल सेवाओं में चयनित युवा अधिकारियों का सम्मान करना तथा भावी अभ्यर्थियों को प्रेरित करना था।
इस समारोह का आयोजन समाज के समक्ष ऐसे प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करने और ग्रामीण एवं साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं को उच्च लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित करने हेतु किया गया। कार्यक्रम में सूरजमल मेमोरियल एजुकेशन सोसायटी (ैडम्ै) के शैक्षिक योगदान को भी रेखांकित किया गया। सोसायटी ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शैक्षणिक मार्गदर्शन प्रदान करती रही है। अब तक 286 विद्यार्थियों को ₹107.20 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है, जबकि तकनीकी पाठ्यक्रमों के 734 विद्यार्थियों को लगभग ₹430 लाख की सहायता उपलब्ध कराई गई है। सोसायटी के प्रमुख शिक्षण संस्थान महाराजा सूरजमल इंस्टीट्यूट (डैप्) तथा महाराजा सूरजमल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (डैप्ज्) उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता, उच्च रैंकिंग तथा विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए व्यापक रूप से प्रतिष्ठित हैं। संस्था अध्यक्ष श्री कप्तान सिंह जी ने सभी आगंतुक का स्वागत किया और बल दिया कि ग्रामीण परिवेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाए।
समारोह के मुख्य अतिथि श्री अशोक कुमार सरोहा (आईआरएस), मुख्य प्रधान आयुक्त, आयकर विभाग थे। विशिष्ट अतिथियों में श्री कर्नल सिंह (आईपीएस), पूर्व निदेशक, प्रवर्तन निदेशालय, भारत सरकार एवं अध्यक्ष, ग्रामीण युवा केंद्र, दिल्ली तथा श्री सचिन अहलावत (आईआरएस), संयुक्त आयुक्त, सीमा शुल्क एवं जीएसटी, भारत सरकार शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय प्रशासनिक एवं राजस्व सेवाओं में चयनित युवा अधिकारियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित अधिकारियों ने अपने संघर्ष, कठिन परिश्रम, अनुशासन और सफलता की प्रेरणादायी यात्राएँ साझा करते हुए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहने, निरंतर अध्ययन करने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री अशोक कुमार सरोहा ने कहा कि सिविल सेवाएँ केवल एक करियर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं को ईमानदारी, निष्ठा और जनसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
अपने वक्तव्य में श्री कर्नल सिंह (आईपीएस), पूर्व निदेशक, प्रवर्तन निदेशालय, भारत सरकार एवं अध्यक्ष, ग्रामीण युवा केंद्र, दिल्ली ने विशेष रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षिक अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि प्रतिभाशाली युवा अपनी पूर्ण क्षमता का विकास कर सकें और राष्ट्र की प्रगति में प्रभावी योगदान दे सकें।
समारोह में समाज के गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षाविदों, अभिभावकों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धन्यवाद प्रस्ताव संस्था सचिव श्री अजित सिंह जी ने ज्ञापित किया और कहा कि संस्था अपने उद्देश्य के लिए कटिबद्ध है कि भविष्य में अपने कार्यों के लिए पूर्ण करेगी कार्यक्रम का समापन सम्मानित अधिकारियों को स्मृति-चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट करने तथा सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
