Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

देश का एक ही संविधान, भारतीय संविधान; पाखंडवाद और विज्ञान साथ नहीं चल सकते: विनेश ठाकुर कर्पूरी

 ​


विशेष संवाददाता

 लखनऊ! ​जन सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनेश ठाकुर कर्पूरी ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर भारतीय संविधान की मूल भावना को आहत करने का गंभीर आरोप लगाया है। जारी एक तीखे बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी धार्मिक ग्रंथ को 'सांस्कृतिक संविधान' की संज्ञा देना सीधे तौर पर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और देश के सर्वोच्च विधान का अपमान है।

राजनीतिक पाखंड और 'शूद्र' कार्ड पर तीखा हमला

​सपा मुखिया के बयानों को आड़े हाथों लेते हुए विनेश ठाकुर कर्पूरी ने कहा, "जो नेता कल तक मुख्यमंत्री आवास को गंगाजल से धुलवाए जाने पर खुद को 'शूद्र' बताकर जनता की सहानुभूति बटोरने का प्रयास कर रहे थे, आज वही राजनीतिक लाभ के लिए रामचरितमानस को 'सांस्कृतिक संविधान' बताने में जुटे हैं। यह दोहरा मापदंड और वैचारिक विरोधाभास साफ दर्शाता है कि अखिलेश जी ने संविधान का घोर अपमान किया है।" उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी न केवल दलितों, पिछड़ों और वंचितों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह बाबा साहब द्वारा दिए गए अधिकारों को भी कमतर आंकने की कोशिश है।

पाखंडवाद बनाम संवैधानिक विज्ञान

​जन सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम पर तार्किक दृष्टिकोण रेखांकित करते हुए कहा:

एक देश, एक विधान: भारत जैसे विविधतापूर्ण और धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में केवल एक ही मार्गदर्शक ग्रंथ हो सकता है, और वह है भारतीय संविधान। बाबा साहब का संविधान देश में सर्वोपरि है।

विज्ञान और पाखंड का टकराव:

 उन्होंने जोर देकर कहा कि पाखंडवाद (अंधविश्वास) और संवैधानिक विज्ञान कभी भी साथ-साथ नहीं चल सकते। संविधान हमें तार्किक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देता है, जबकि धार्मिक ग्रंथों को संविधान के समानांतर खड़ा करना रूढ़िवादिता को बढ़ावा देना है।

​"ना मनुवाद चलेगा, ना संविधान का अपमान चलेगा। देश का एससी, एसटी और ओबीसी समाज अब पूरी तरह जागरूक हो चुका है। इस संविधान विरोधी सोच का करारा जवाब आने वाले समय में लोकतंत्र के माध्यम से दिया जाएगा।" 

विनेश ठाकुर कर्पूरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, जन सेवा दल

जनता की अदालत में होगा फैसला

​बयान के अंत में उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि जन सेवा दल समाज के दबे-कुचले, शोषित और वंचित तबके की आवाज को दबने नहीं देगा। पार्टी हर नागरिक को उसके संवैधानिक अधिकारों के प्रति सजग करने और देश में वैज्ञानिक सोच व सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |