कुंडा/प्रतापगढ़। कहने तो सरकार भ्रष्टाचार को लेकर सख्त रुख अपनाकर जीरो टॉलरेंस की नीति से कार्य करने का दावा कर रही है लेकिन उसी सरकार के कारिंदे जनता के धन का दुरुप्रयोग करके जमकर भ्रष्टाचार कर रहें हैं। मजे की बात तो यह कि सरकारी अधिकारियों के सामने भ्रष्टाचार किया जा रहा और वे भी पूरे सिस्टम के आगे नतमस्तक नजर आ रहें हैं। जिससे साफ लगता है कि सरकारी की कथनी और करनी में जमी- आसमां का अंतर है।
भ्रष्टाचार का ताजा उदाहरण देखना हो तो कुंडा तहसील परिसर में बन रहे रजिस्ट्री कार्यालय को देखकर लगाया जा सकता है। जहां पर रजिस्ट्री कार्यालय के निर्माण में एकदम पुरानी एवं मानक के विपरीत ईटो का प्रयोग खुलेआम किया जा रहा है। ईटो की गुणवत्ता ऐसी है कि कोई भी व्यक्ति ऐसी ईटो से अपने घर का निर्माण नही करवाएगा लेकिन तहसील के अधिकारियों और सैकड़ो अधिवक्ताओं के सामने ठेकेदार पूरे सिस्टम को हाईजैक करके घटिया ईटो का प्रयोग करके रजिस्ट्री कार्यालय का निर्माण करवा रहा है। दीवार बनाने के लिए रखी गंदी एवं मटमैली ईटो एवं दीवारों में लगी ईटो पर मजदूरों द्वारा पानी का छिड़काव भी ठीक से नही किया जा रहा है। जिससे साफ है कि भविष्य में दीवारों में जल्द ही दरार आ जाएगी। सूत्रों पर यकीन करें तो करीब ढाई करोड़ की लागत से बन रही ऑफिस में खुलेआम जमकर लूट घसोट की जा रही है। जिले से लेकर तहसील तक के अधिकारी तहसील में आतें-जातें रहतें हैं लेकिन मजाल है कि किसी भी अधिकारी ने घटिया ईटो को लेकर ठेकेदार को फटकार लगाई हो।जिस तरह से तहसील परिसर में रजिस्ट्री ऑफिस के निर्माण में खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है उससे साफ है कि ऊपर से लेकर नीचे तक के अधिकारी पूरे सिस्टम के आगे या तो बौने साबित हो रहें हैं या सब अपना हिस्सा लें रहें हैं। इस संबंध में एसडीएम कुंडा वाचस्पति सिंह का कहना है कि रजिस्ट्री ऑफिस का निर्माण मेरे विभाग द्वारा नही बल्कि रजिस्ट्रार द्वारा कराया जा रहा है। यदि मानक के विपरीत ईट लगाई जा रही है तो सम्बंधित विभाग को पत्र लिखा जाएगा।
