संग्रामपुर: श्रीमद् भागवत कथा ! सच्ची श्रद्धा धैर्य और अटूट विश्वास का होता है ज्ञान
November 17, 2025
संग्रामपुर/अमेठी। क्षेत्र के पूरे बख्शी पांडे माजरा भावलपुर मैं चल रही श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के तीसरे दिन व्यास गद्दी पर विराजमान कथा वाचक बाल व्यास आदर्श जी महाराज ने तीसरे दिन की कथा सुनाते हुए भक्त प्रहलाद रूप जैसे भक्तों पर आधारित कथा को सुनाया। उन्होंने भक्त प्रहलाद के दृढ़ विश्वास हो ईश्वर भक्ति की शक्ति का वर्णन करते हुए बताया भक्त प्रहलाद हर कष्ट और यातना को सहन किया और अंततः भगवान नृसिंह के रूप में प्रकट होकर उनकी रक्षा की। कथा वाचक धूप चरित्र का वर्णन करते हुए बताया की अपनी मां सुनीति की प्रेरणा से तपस्या करके भगवान विष्णु को प्रसन्न करते हुए धूप लोग की प्राप्ति की। इसी तरह भगवान विष्णु के मत्स्य वामन और अन्य अवतार कथा का वर्णन किया। समुद्र मंथन की कथा सुनाते हुए कथा वाचक ने मां के भीतर चलने वाले अच्छे और बुरे विचारों के संघर्ष को दर्शाया। कथावाचक ने बताया कि भगवान की कथाओं हमें बताती है कि ईश्वर की भक्ति सरल नहीं है इसके लिए सच्ची श्रद्धा धैर्य और अटूट विश्वास की आवश्यकता होती है। तीसरे दिन की कथा में आसपास के हजारों लोग एकत्रित होकर भगवान श्री नारायण की कथा सुनकर जयकारा लगाते हुए प्रसाद लेकर अपने-अपने घरों को चले गए।
