पीलीभीत। भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) पीलीभीत की ओर से ग्राम बालपुर पट्टी बरेली रोड स्थित आईएमए भवन में आयोजित विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर में सैकड़ों मरीज लाभान्वित हुए। रविवार को आयोजित इस शिविर का उद्घाटन मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक कुमार, डॉ. एस.के. अग्रवाल, डॉ. पी.डी. सिंह और डॉ. महेश चन्द्र ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन के बाद बड़ी संख्या में मरीज सुबह से कतारों में खड़े दिखाई दिए।
शिविर में कुल 980 से अधिक मरीजों का परीक्षण किया गया और उन्हें निरूशुल्क दवाएं वितरित की गईं। इस शिविर में पहली बार ईसीजी, बायोथेसियोमीटर (नसों की जांच), बोन मिनरल डेंसिटी टेस्ट जैसे आधुनिक परीक्षणों की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसके कारण बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं ने इन जांचों का लाभ उठाया।शिविर में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की बड़ी टीम मौजूद रही। जनरल फिजिशियन, हड्डी रोग, यूरो सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, नेत्र, ईएनटी, चर्म रोग, स्त्री रोग, हृदय रोग, बाल रोग सहित अन्य चिकित्सा शाखाओं के डॉक्टरों ने लगातार रोगियों की जांच की। विशेषज्ञों में डॉ. एस.के. अग्रवाल, डॉ. पी.डी. सिंह, डॉ. महेश चन्द्र, डॉ. सतीश गंगवार, डॉ. तरुण सेठी, डॉ. जे.डी. गंगवार, डॉ. राकेश सिंह, डॉ. एस.के. मित्रा, डॉ. चरित बोस, डॉ. अजितेश बार्ष्णेय, डॉ. राहुल शर्मा, डॉ. प्रभाकर शर्मा, डॉ. आशीष अनुरागी, डॉ. जे.एन. मिश्रा, डॉ. सौरभ अग्रवाल, डॉ. नीरज गुप्ता और डॉ. के.एन. तिवारी शामिल रहे।
महिला रोगियों के लिए विशेष टीम में डॉ. दीपा सिंह, डॉ. आरफा शरीफ, डॉ. सबा शरीफ, डॉ. रश्मि सेठी, डॉ. रश्मि प्रकाश, डॉ. ममता सक्सेना और डॉ. आकांक्षा मिश्रा की टीम ने सेवाएं प्रदान कीं। इसके अलावा शिविर की व्यवस्था में सहयोग देने वाले डॉक्टरों डॉ. ज्ञान प्रकाश, डॉ. भगवान दास, डॉ. प्रांजल अग्रवाल, डॉ. सृजल अग्रवाल, डॉ. तारिक अख्तर, डॉ. विपिन साहनी, डी.पी.एन. सक्सेना और डॉ. आस्था कंचन ने भी अहम योगदान दिया।एमआर एसोसिएशन की टीम ने पंजीकरण, दवा वितरण, जांच और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली। इसमें अध्यक्ष हितेश शुक्ला, कोषाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, सचिव प्रभात तिवारी, उपाध्यक्ष सत्यम पांडेय, शहर सचिव आनंद द्विवेदी, विशाल गंगवार, प्रशांत राय, अशोक शर्मा, सचिन सक्सेना, प्रमोद कुमार, शुभम वर्मा, आयुष त्रिवेदी सहित कई सदस्य शामिल रहे।
शिविर में हुए परीक्षणों में यह तथ्य सामने आया कि युवाओं में बोन डेंसिटी की कमी, कैल्शियम और विटामिन क्3 की कमी आम पाई गई। वहीं चर्म रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही। महिलाओं में खून की कमी (एनीमिया) की समस्या भी प्रमुख रूप से सामने आई।आईएमए अध्यक्ष डॉ. भारत सेठी ने शिविर की सफलता पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि स्वास्थ्य जागरूकता के लिए ऐसे शिविर भविष्य में भी लगाए जाते रहेंगे।
