प्रतापगढ/कुंडा। चोरी के आरोप में एक सप्ताह से थाने में बैठाए युवक ने पुलिसिया प्रताड़ना से तंग आकर आत्मघाती कदम उठाते हुए धारदार हथियार से अपना गला काट लिया। युवक द्वारा गला काटने की सूचना मिलते ही थाने से लेकर जिले के तक के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। घायल युवक को इलाज के लिए रायबरेली के एम्स में भर्ती कराया गया। एसपी ने तत्काल एसओ दीप चंद्र को सस्पेंड कर दिया साथ ही मामलें की जांच सीओ कुंडा को सौंप दी।
एक तरफ जहां प्रतापगढ पुलिस शातिर अपराधियों पर लगड़ा अभियान के तहत उन पर सख्त कार्यवाही कर रही वही दूसरी ओर जिले में तैनात कुछ पुलिस वाले वर्दी की आड़ में वसूली करने के चक्कर में पुलिसिया जुल्म भी करने से नही चूक रहें हैं। वसूली के ही चक्कर में प्रतापगढ जिले की मानिकपुर की पुलिस कुंडा कोतवाली क्षेत्र के जमेठी गांव के रहने वाले शिवम सिंह (24 वर्ष)पुत्र स्व.नागेंद्र सिंह को चोरी के संदिग्ध आरोप में कुछ दिन पूर्व उठा ले गई थी। थाने में ले जाने के बाद मानिकपुर पुलिस ने शिवम सिंह को कई दिनों तक थाने में बैठाकर पूछताछ के बहाने उस पर जमकर पुलिसिया अत्याचार किया। आरोप है कि मानिकपुर पुलिस शिवम सिंह को छोड़ने का दाम तय न होने के कारण उसे नही छोड़ रही थी और न ही उसका चालान कर रही थी। कई दिनों से पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार गुरुवार को शिवम ने धारदार हथियार से आत्म हत्या करने के उद्देश्य से अपना गला रेत लिया। शिवम की विधवा मां सावित्री देवी ने बताया कि शिवम को पुलिस द्वारा हिरासत में लेने की सूचना भी उनको नही दी गई और न ही शिवम से उनको मिलने दिया जा रहा था। शिवम को रिहा करने के नाम पर सिविल ड्रेस में घर जाकर पुलिस उनसे 3 से 4 लाख रुपए की मांग भी कर रही थी। जिस तरह से शिवम ने पुलिस हिरासत में अपनी जीवन लीला समाप्त करने की कोशिश की है, उससे साफ है कि खुलेआम मानवाधिकार का उलंघन करने वाली मानिकपुर पुलिस ने कितना बर्बरतापूर्ण तरीके से शिवम को प्रताड़ित किया होगा? कार्यवाही के नाम पर खबर लिखें जाने तक महज एसओ का निलंबन ही किया गया था। घटना को लेकर पुलिस की चारों ओर निंदा हो रही है।
