बीसलपुर। नगर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। मोहल्ला दुबे में गुरुवार को कुत्तों के झुंड ने एक बंदर पर हमला कर उसे बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय समाजसेवी राजू वाजपेई ने अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचकर घायल बंदर की जान बचाई। राजू वाजपेई ने बताया कि तीन दिनों के भीतर दो बंदरों की मौत कुत्तों के हमले में हो चुकी है। बावजूद इसके नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह मौन है। उन्होंने घायल बंदर का इलाज कराने के लिए राजकीय पशु चिकित्सालय टीम को मौके पर बुलाया, जिसने उपचार किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्ला दुर्गा प्रसाद कॉलोनी और उसके आसपास आवारा कुत्तों की संख्या बढ़कर लगभग 600 हो गई है, जिनमें आधा दर्जन कुत्ते हिंसक प्रवृत्ति के हैं। ये दिन-रात कॉलोनी की गलियों और सब्जी मंडी मार्ग पर घूमते रहते हैं और राहगीरों पर अचानक हमला बोल देते हैं। रहवासी अजय, रिंकू, अमित, संध्या, गंगा देवी, सुमित, धीरज, आरती, संजीव और रवि इन हिंसक कुत्तों का शिकार बन चुके हैं। कॉलोनीवासियों ने कई बार पालिका कार्यालय में शिकायत की, लेकिन आज तक किसी भी कुत्ते को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर नहीं छोड़ा गया। अधिशासी अधिकारी शमशेर सिंह का कहना है कि कुत्तों के आतंक से संबंधित कोई शिकायत अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच नागरिकों ने पालिका प्रशासन से मांग की है कि नगर में कुत्तों को पकड़ने की कार्यवाही तत्काल शुरू की जाए, ताकि लोगों और जानवरों पर हमले की घटनाओं पर रोक लग सके।
