बाराबंकी। मनरेगा में इस समय फर्जीवाड़ा चल रहा है। गलत फोटो अपलोड कर पैसा निकाला जा रहा है। सर्दी की फोटो डालकर गर्मी में पैसा निकालने को लेकर शासन ने संज्ञा लिया है। अब ग्राम स्तर पर एक हार्ड डिस्क ड्राइव लेनी होगी, जिसमें सभी फोटो सेव करनी होगी। आडिट या जांच के दौरान उन फोटो से मिलान होगा। अब तक जो फोटो अपलोड होती थी, साफ्टवेयर में महज 15 दिन में स्वतः डिलीट हो जाती थी। इसीलिए अनियमितताएं लगातार बढ़ रही थी।
राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली (एनएमएमएस) का दुरुपयोग कर हेरफेर किया जा रहा है। ऐसी गंभीर विसंगतियां डिजिटल एप की विश्वसनीयता को कमजोर करती है। एनएमएमएस पर अपलोड की गईं तस्वीरें महज 15 दिन में ही स्वतरू डिलीट हो जाती है। इसका फायदा उठाते हुए गलत फोटो डालकर पैसा निकाला जा रहा है। भारत सरकार के इस पत्र का हवाला देते हुए ग्राम विकास आयुक्त ने जिलाधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को पत्र लिखा है।
उन्होंने मनरेगा कार्यों में अपलोड की गई फोटो की विसंगतियों के बारे में बताया है कि असंबंधित तस्वीरों को अपलोड किया जा रहा है। पुरानी या दूसरी जगहों की फोटो से फोटो, मजदूरों की संख्या बेमेल होना, पुरुष की फोटो में महिला का मस्टर रोल होना अनियमितता दर्शाता है। यही नहीं, कई मस्टर रोल में एक सामान श्रमिकों की तस्वीर और सुबह, दोपहर में ली गई फोटो में श्रमिकों की संख्या बेमेल आदि ब्लाक स्तर पर हो रही निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
मनरेगा साफ्टवेयर पर 15 दिन में ही फोटो डिलीट हो जाती है। ऐसे में जांच के दौरान अनियमितता का पता नहीं चल पाता है। ग्राम्य विकास आयुक्त ने आदेश दिया है कि मनरेगा में होने वाले प्रत्येक कार्यों की फोटो साफ्टवेयर में अपलोड करने के साथ ही हार्ड डिस्क पर सेव करें। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायतों में हार्ड डिस्क ड्राइव खरीदी जाए।
ग्राम विकास आयुक्त ने तीन स्तरों पर मानीटरिंग करने का आदेश दिया है। पहली निगरानी ग्राम पंचायत स्तर पर, दूसरी ब्लाक स्तर पर होगी। अधिकारी अपलोड 20 प्रतिशत फोटो चेक कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। जिले स्तर पर अपलोड तस्वीरों का 10 प्रतिशत रेंडम जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। इसके बाद राज्य स्तर पर चेकिंग होगी। इस दौरान कमियां मिलने पर विधिक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। ब्लाक ओर जिले स्तर प्रकोष्ठों का गठन कर दैनिक जांच करने के आदेश दिए हैं।
अब दोपहर में भी ली जाएगी फोटो रू एनएमएमएस एप पर सुबह और शाम मनरेगा कार्यों पर काम कर रहे श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज होती थी। अब दोपहर में भी कर दी गई है। इसके लिए साफ्टवेयर में प्रविधान कर दिया गया है। यदि एक फोटो ही अपलोड होती है, तो आधे दिन की मजदूरी की गणना होगी।
ब्रजेश त्रिपाठी, उपायुक्त मनरेगा ने कहा कि मनरेगा के कार्यों में पारदर्शी लाने के लिए कई अहम बिंदुओं पर काम करना है। हार्ड डिस्क में फोटो सेव कराई जाएंगी। प्रकोष्ठ का गठन होगा। पंचायत, ब्लाक और जिले स्तर पर प्रतिदिन मानीटरिंग की जाएगी।
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