पीलीभीत। शुक्रवार को जनपद भर में अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर भारी टैरिफ (आयात शुल्क) लगाए जाने के विरोध में जनपद के व्यापारियों ने भारी बारिश को नजरअंदाज करते हुए अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष एम.ए. जिलानी और नगर अध्यक्ष रणवीर पाठक ने किया।
जिलानी ने चेताया “ये टैरिफ भारतीय अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला हैं। इससे हमारे निर्यात को गहरी चोट पहुँचेगी, कई उद्योग डगमगा जाएंगे और देश की विकास दर प्रभावित होगी।”जिला महामंत्री पंकज अग्रवाल ने कहा, “अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है। टैरिफ लगने से भारतीय वस्तुएँ महंगी हो जाएंगी और अमेरिकी उपभोक्ता दूसरे देशों के सस्ते उत्पाद खरीदेंगे। इससे भारतीय निर्यात की माँग में भारी गिरावट आएगी।”इन टैरिफ के कारण भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात में 40-60ः तक की कमी संभव है। सबसे ज्यादा मार कपड़ा, रत्न-आभूषण, चमड़ा, जूते, समुद्री खाद्य और हस्तशिल्प उद्योगों पर पड़ेगी, जो लाखों लोगों को रोजगार देते हैं।”युवा जिला अध्यक्ष शैली शर्मा ने कहा, “ये असर सिर्फ निर्यात तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था को झकझोर देगा।”
युवा नगर अध्यक्ष आशीष लोधी ने चेतावनी दी, “जीडीपी विकास दर में 0.2 से 1ः तक की गिरावट आ सकती है।नगर महामंत्री राशिद अंसारी ने चिंता जताई, “निर्यात घटा तो विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ेगा, रुपये की कीमत गिर सकती है, और अमेरिकी खरीदार दूसरे देशों की तरफ रुख कर लेंगे। इससे वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की पकड़ कमजोर होगी।”
संदेश साफ हैं। अमेरिकी टैरिफ भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती हैं, जिनसे निर्यात, जीडीपी और रोजगार पर गहरा नकारात्मक असर पड़ेगा।
