उप जिलाधिकारी पूरनपुर ने बताया कि तहसील में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है। संवेदनशील ग्रामों में लगातार दौरे हो रहे हैं। बाढ़ चैकियों पर राजस्व, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग की टीमें तैनात हैं, गोताखोर व आपदा मित्र संपर्क में हैं और खाद्य पैकेट, लाईफ जैकेट तथा अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी है।कलीनगर के उप जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि क्षेत्र के 37 गांव बाढ़ संवेदनशील हैं। 5 बाढ़ चैकियां और 3 शरणालय स्थापित कर दिए गए हैं। एसडीआरएफ की टीम माधौटांडा में तैनात है। नाविकों व गोताखोरों की सूची तैयार है और कोटेदारों को सचेत किया गया है ताकि राशन की कमी न हो।
विधायक पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बाढ़ के दौरान किसी भी तरह की कमी, जनहानि या पशुहानि नहीं होनी चाहिए। फसलों के नुकसान पर किसानों को मानक अनुसार मुआवजा शीघ्र दिया जाएगा।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ग्राम प्रधानों के पास कंट्रोल रूम के नंबर हों और संवाद में कोई बाधा न हो। जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं है, वहां वायरलेस सेट की व्यवस्था की गई है। गर्भवती महिलाओं व मरीजों के लिए एम्बुलेंस, दवाइयों और टेलीमेडिसिन सुविधा बाढ़ चैकियों पर उपलब्ध रहेगी। बैराज से अधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति में तत्काल ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा।बैठक में चेयरमैन पूरनपुर शैलेन्द्र गुप्ता, दोनों तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार, सीओ, अधिशासी अधिकारी, सचिव, लेखपाल, ग्राम प्रधान व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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