राजगढ़/मिर्जापुर। स्थानीय विकासखंड के धनसीरिया में स्थित अस्थाई गौ-आश्रय में लगातार एक हफ्ते से गौवंशों के बीमार होने का मामला आ रहा है। विगत दिनों में चिकित्सकीय अभाव में पांच गौवंशों की मौत भी हो गई थी। शनिवार देर रात फिर से धनसिरीया गौ-आश्रय केंद्र पर पांच गौवंशों के बीमार होने का मामला सामने आया। धनसिरीया ग्राम प्रधान जन्मेजय सिंह ने पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ अग्रेश यादव को सूचना दी लेकिन वे नहीं पहुंचे।
ग्राम प्रधान ने अपर निदेशक पशुपालन डॉ राकेश चैरसिया को सूचित किया। उन्होंने तुरंत मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भूपेंद्र पाठक को निर्देश दिए। डॉ पाठक ने मोबाइल वेटेरनरी फील्ड यूनिट के डॉ वैभव सिंह को भेजा। डॉ सिंह रात 11 बजे पहुंचे और तीन-चार पशुओं का इलाज किया। ग्राम विकास अधिकारी धनसिरीया राहुल दत्त ने खंड विकास अधिकारी को शिकायती पत्र दिया है। उन्होंने कहा कि पांच पशुओं की बीमारी की सूचना के बावजूद भी डॉ यादव रात 10 बजे तक नहीं पहुंचे। उनकी लापरवाही से पशुओं की स्थिति बिगड़ रही है। यदि भविष्य में किसी पशु की मृत्यु होती है, तो इसके जिम्मेदार डॉ यादव होंगे। तीन दिन पहले पशुओं की मौत की खबर प्रकाशित होने पर को अपर निदेशक राकेश चैरसिया और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भूपेंद्र पाठक ने राजगढ़ के गौ-आश्रय केंद्रो का निरीक्षण किया था। चिकित्सकीय अभाव में मृत्यु के घाट उतर रहें है,गौवंशों को देखकर चिंता जताई थी और पशु चिकित्साधिकारी राजगढ़ को इलाज में लापरवाही न बरतनें के लिए कड़े निर्देश दिए थे। बाबजूद भी पशु चिकित्साधिकारी के कार्यशैली में बदलाव नहीं आ रहा है। नतीजा क्षेत्र के धनसिरीया गौ आश्रय केंद्र के साथ अन्य गौ-आश्रय केंद्रो में बीमार गौवंश चिकित्सकीय अभाव मौत के घाट उतर रहें हैं। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भूपेंद्र पाठक ने बताया कि राजगढ़ पशु चिकित्साधिकारी की लापरवाहियों की जांच की जायेगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई किया जायेगा।
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