लखनऊः पूर्व महामंत्री स्व. राम अचल के सम्मान में पार्क का नामकरण किए जाने की मांग
August 06, 2025
लखनऊ। नगर निगम कर्मचारी संघ लखनऊ अध्यक्ष आनंद वर्मा द्वारा महापौर एवं नगर आयुक्त को पत्र भेज कर मांग की गई है कि कर्मचारी संघ के पूर्व महामंत्री, लेखाकार स्व. राम अचल के नाम पर उनके निवास स्थान के निकट नगर निगम लखनऊ के किसी भी पार्क का नामकरण किया जाए स स्व. राम अचल नगर निगम लखनऊ में लेखा विभाग में लेखाकार के पद पर कार्यरत थे और कर्मचारी संघ के महामंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने संस्था ध्कर्मचारियों के हित में सदैव अविस्मरणीय कार्य किया है। संघ अध्यक्ष आनंद वर्मा ने पत्र में उल्लेख किया है कि स्व राम अचल, लेखाकार, के पद पर लेखा विभाग नगर निगम, लखनऊ में कार्यरत थे तथा उन्हें कर्मचारियों द्वारा नगर निगम कर्मचारी संघ लखनऊ के महामंत्री पद पर भी मनोनीत किया गया था। स्व० रामअचल द्वारा अपने विभागीय एवं संघ के महामंत्री पद पर रहते हुए अनेकों संस्थाध्कर्मचारी हितार्थ कार्य किये गये है। जिस कारण संस्था ध् कर्मचारी लाभवान्तित हुए है तथा अपने को गौरवन्तित महसूस कर रहे है। स्व राम अचल जी की कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रम एवं त्याग की भावना को संस्थाध्कर्मचारी समाज कभी भी भुला नही सकेगा। वह हमेशा कर्मचारियों के दिलों में जीवित रहेंगे। उनके द्वारा किए गए संघर्ष, सेवा और समर्पण से समाज को हमेशा प्रेरणा मिलेगी।संघ अध्यक्ष आनंद वर्मा ने यह भी बताया कि बताया कि स्व. राम अचल का जीवन नगर निगम के कर्मचारियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहा है। उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए यह आवश्यक है कि उनके निवास के निकट नगर निगम लखनऊ के किसी पार्क को उनके नाम से समर्पित किया जाए। यह प्रस्ताव न केवल उन्हें श्रद्धांजलि होगी, बल्कि नगर निगम में कार्यरत समस्त कर्मचारियों को प्रेरणा भी देगा कि सेवा और संघर्ष को समाज द्वारा उचित सम्मान मिलता है।संघ ने इस संबंध में महापौर एवं नगर आयुक्त से अनुरोध किया है, कि शीघ्र ही निर्णय लेकर स्व राम अचल, लेखाकार, लेखा विभाग, महामंत्री, नगर निगम कर्मचारी संघ लखनऊ के नाम से उनके निवास स्थान ई -54सेक्टर-आई, एल० डी० कालोनी कानपुर रोड लखनऊ के निकट, नगर निगम लखनऊ की किसी भी पार्क का नामांकरण किये जाने हेतु सम्बंधित को आवश्य कार्यवाही हेतु निर्देशित करने का कष्ट करें। ताकि स्व राम अचल जी महामंत्री नगर निगम कर्मचारी संघ लखनऊ कर्मचारी नेता को सम्मान प्राप्त हो सके। और कर्मचारी समाज अपने को गौरवान्वित महसूस कर सकें।
