करीब 40 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान, आग लगने के कारणों पर उठे सवाल; शॉर्ट सर्किट या साजिश, जांच से खुलेगा राज।
सोनभद्र। राबर्ट्सगंज के बढ़ौली चौक से चंद कदम की दूरी पर स्थित नवीन सब्जी मंडी समिति में सोमवार की देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग ने कारोबारियों को भारी नुकसान पहुंचाया। मंडी के टीनशेड नंबर-दो में लगी आग ने देखते ही देखते कई दुकानों और फर्मों को अपनी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में करीब 30 फर्मों और 50 लाइसेंसी दुकानों के जलकर राख होने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती आकलन के अनुसार, लगभग 40 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। आग में आलू, लहसुन, प्याज, केला, दो मोटरसाइकिल, एक कार, 30 इलेक्ट्रॉनिक कांटा मशीनें और बड़ी संख्या में कैरेट जलकर नष्ट हो गए। दुकानों में रखा नकदी भी आग की भेंट चढ़ गया।
रात करीब 11 बजे लगी आग, चार घंटे में पाया गया काबू
जानकारी के अनुसार, सोमवार की रात करीब 11 बजे टीनशेड नंबर-दो में अचानक आग लग गई। रात का समय होने के कारण शुरुआत में घटना की जानकारी लोगों को नहीं हो सकी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और मंडी में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटों में दुकानों में रखा सामान जलने लगा। कारोबारियों ने अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की भयावहता के सामने उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए। सूचना पर दमकल की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद रात लगभग दो बजे आग पर काबू पाया जा सका।
आग के कारणों को लेकर उठ रहे कई सवाल
नवीन सब्जी मंडी में इतनी बड़ी संख्या में दुकानों और फर्मों के जलने के बाद आग लगने के कारणों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, वहीं कुछ लोगों द्वारा आग लगाए जाने की संभावना को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह की अभी पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि आग बिजली के तारों में खराबी के कारण लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
दूसरे गेट के अंदर से दुकानें हटाए जाने के बाद घटना चर्चा में
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले प्रशासन की ओर से मंडी के दूसरे गेट के अंदर लग रही दुकानों को हटाया गया था। इसके बाद टीनशेड नंबर-दो में हुए इस अग्निकांड को लेकर मंडी में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, दुकानों को हटाने की कार्रवाई और आग लगने की घटना के बीच किसी संबंध का फिलहाल कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। ऐसे में इस पहलू को लेकर भी तथ्यों के आधार पर जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट
आग में बड़ी मात्रा में सब्जी और फल का स्टॉक, व्यापारिक उपकरण तथा वाहन नष्ट होने से प्रभावित कारोबारियों को भारी आर्थिक चोट पहुंची है। दुकानों में रखा नकदी भी जलने की जानकारी सामने आई है। अचानक हुए इस नुकसान से व्यापारियों के सामने कारोबार दोबारा शुरू करने की चुनौती खड़ी हो गई है। अब कारोबारियों की निगाहें आग लगने के कारणों की जांच और नुकसान के आकलन पर टिकी हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि नवीन सब्जी मंडी में आग कैसे लगी। क्या यह महज शॉर्ट सर्किट की घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह है? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
