सोनभद्र। घोरावल क्षेत्र की एक महिला से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्ल्यू सोनभद्र बिपिन कुमार तृतीय की अदालत ने दोषी बबुन्दर पुत्र जोखन को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने आदेश दिया कि जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार घोरावल थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने वर्ष 2019 में न्यायालय में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उसके पति वर्ष 2006 से महाराष्ट्र के नासिक में कार्यरत हैं और समय-समय पर घर आते तथा बैंक खाते में धनराशि भेजते थे। इसी जानकारी के आधार पर परसौना गांव निवासी बबुन्दर उसके संपर्क में आया और शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरन संबंध बनाने लगा।
पीड़िता के अनुसार आरोपी ने करीब छह माह तक उसे ब्लैकमेल कर शारीरिक संबंध बनाए, साथ ही डराकर-धमकाकर उससे रुपये भी वसूले। आरोपी मोबाइल पर अश्लील संदेश भेजता था तथा लगातार दबाव बनाता रहा। पीड़िता ने स्थानीय पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय के आदेश पर घोरावल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी, अमानत में खयानत एवं आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें, गवाहों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी को दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने प्रभावी पैरवी की।
