अहरौरा/मिर्जापुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के महुली चैराहे पर कजाकपुर मोहल्ले में स्थित महाकाल अस्पताल की सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनिल कुमार ओझा के नेतृत्व में जांच की गई। अस्पताल बंद पाए जाने पर उसको बाहर से सील कर दिया गया और नोटिस चस्पा कर तीन दिन में अस्पताल का पंजीकरण सहित डिग्री दिखाने का आदेश दिया गया।
इसके साथ ही टीम ने भारत हॉस्पिटल के अभिलेखों को भी खंगाला जहां नवजात शिशु की मौत हुई थी।
जानकारी के अनुसार महुली चैराहे पर स्थित महाकाल अस्पताल में 28 सितंबर को जमालपुर थाना क्षेत्र भदावल गांव निवासी 40 वर्षीय अंजना देवी की बच्चेदानी के आपरेशन के बाद हालत बिगड़ गई थी इसके बाद झोला छाप डाक्टर द्वारा महिला को वाराणसी स्थित निजी चिकित्सालय में रेफर कर दिया गया था जहां 2 अक्टूबर की शाम को महिला की मौत हो गई।
मौत के बाद परिजन 3 अक्टूबर को महिला के शव को अहरौरा स्थित महाकाल अस्पताल पर लाकर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिए मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक महिला के पति भरोस की तहरीर पर प्रथम सूचना दर्ज कर शव को अंत्य परीक्षण कराया था और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजकर थाना प्रभारी अजय कुमार मिश्रा ने चिकित्सक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी।
घटना के मुख्यचिकित्सा अधिकारी गठित तीन सदस्यीय अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनिल कुमार ओझा के नेतृत्व में डा आर्यन सिंह, डा बी के चैधरी द्वारा थाना प्रभारी के साथ महकाल अस्पताल की जांच की गई तो अस्पताल में ताला लटकता मिला इसके बाद अस्पताल के दोनों कमरों को सील कर नोटिस चस्पा किया गया और तीन दिनों में शैक्षिक योग्यता, उपाधि,अस्पताल का पंजीकरण सहित अन्य अभिलेख दिखाने को कहा।
महुली चैराहे पर स्थित भारत हॉस्पिटल की भी चिकित्सको की टीम द्वारा जांच की गई तो पाया गया गया की हॉस्पिटल का पंजीकरण जुलाई में हुआ है इसके साथ ही अन्य सुविधाओं को भी देखा नवजात की मां को चलाए गए दवाओं सहित अन्य अभिलेखों को देखा इसके बाद एडिशल सीएमओ ओझा ने निर्देश दिया की अपने सम्पूर्ण अभिलेख को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में तीन दिनों में प्रस्तुत करें।
