मेरठ/मवाना। रबी की फसलों की बुवाई के महत्वपूर्ण समय में रोहटा माइनर में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने और सफाई व्यवस्था को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (स्वाभिमान) के प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता अमित त्यागी गणेशपुर के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता, मेरठ मंडल को ज्ञापन सौंपकर रोहटा माइनर की तत्काल सफाई कराने और किसानों के खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने की मांग की।
किसानों ने कहा कि रासना, बाडम, मिर्जापुर, मंढियाई और सलाहपुर समेत आसपास के गांवों के किसान रबी की फसल की बुवाई में जुटे हैं। ऐसे समय में माइनर में पानी नहीं आने से गेहूं, सरसों, जौ समेत अन्य फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। किसानों के मुताबिक समय पर सिंचाई नहीं हुई तो फसलों के उत्पादन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है। निजी साधनों से सिंचाई कराने पर किसानों को अतिरिक्त आर्थिक भार उठाना पड़ रहा है।
ज्ञापन में किसानों ने रोहटा माइनर की सफाई को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। किसानों ने पिछले वर्षों में माइनर की सफाई के नाम पर स्वीकृत और खर्च की गई धनराशि, टेंडर, कार्यादेश, भुगतान तथा पूर्णता प्रमाण-पत्र की जांच कराने की मांग की। साथ ही अभिलेखों में पूर्ण दर्शाए गए कार्यों का स्वतंत्र रूप से स्थलीय सत्यापन कराने की मांग भी रखी गई।
किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्हें केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि माइनर में पानी और खेतों तक सिंचाई चाहिए। किसानों ने हेड से टेल तक माइनर का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किसानों की मौजूदगी में कराने और पानी छोड़ने का रोस्टर सार्वजनिक करने की मांग की, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि माइनर का पानी अंतिम छोर तक पहुंच रहा है या नहीं।
किसान प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता के दौरान मुख्य अभियंता सिंचाई विभाग, मेरठ मंडल ने सात दिन के अंदर रोहटा माइनर की सफाई कराने और खेतों की सिंचाई के लिए पानी छोड़ने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने कहा कि अब उनकी नजर विभाग की जमीनी कार्रवाई पर रहेगी।
किसानों का कहना है कि रबी की बुवाई के बाद सिंचाई के लिए समय पर पानी नहीं मिला तो बाद में मिलने वाला पानी उनके लिए अपेक्षित लाभ नहीं देगा। इसलिए विभाग को तत्काल माइनर की स्थिति सुधारकर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।
अमित त्यागी गणेशपुर ने कहा कि किसान लंबे समय से सिंचाई की समस्या झेल रहे हैं। रबी की बुवाई के समय किसानों को पानी उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्य अभियंता ने सात दिन के भीतर सफाई और पानी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया है। यदि निर्धारित समय में धरातल पर कार्रवाई नहीं हुई तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
किसान संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सात दिन के भीतर रोहटा माइनर की सफाई और खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो मुख्य अभियंता कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। किसानों ने कहा कि आंदोलन लोकतांत्रिक और वैधानिक तरीके से किया जाएगा।
किसानों ने कहा कि नहर और माइनर किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए हैं। यदि विभागीय रिकॉर्ड में व्यवस्था दुरुस्त दिखाई जा रही है, लेकिन मौके पर किसानों को पानी नहीं मिल रहा, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
इस दौरान पिंटू कुमार, आदेश कुमार, राधेश्याम, सोमेंद्र, अंशुल त्यागी, जगमोहन, जय सिंह, अनिल कुमार, पुनीत त्यागी, अंकित गुर्जर, शेखर त्यागी समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
