पीलीभीतः देवीपुरा गौशाला में पशुओं की संख्या बढ़ाकर दिखाने का आरोप, घोटाले की जांच की मांग! ग्राम पंचायत सचिव और चारा ठेकेदार की कथित मिलीभगत पर उठे सवाल
October 27, 2026
पीलीभीत। मरौरी विकासखंड की ग्राम पंचायत देवीपुरा स्थित गौशाला में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। गौशाला में संरक्षित गोवंश की वास्तविक संख्या और अभिलेखों में दर्ज आंकड़ों में अंतर होने की आशंका जताते हुए ग्रामीण देवेंद्र हिंदू ने जिला प्रशासन से जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता ने ग्राम पंचायत सचिव राकेश शर्मा और चारा ठेकेदार ग्यास खान पर मिलीभगत कर पशुओं की संख्या अधिक दर्शाकर कथित घोटाला करने का आरोप लगाया है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि गौशाला में मौजूद पशुओं की वास्तविक संख्या का अभिलेखों में दर्ज विवरण से मिलान कराया जाना जरूरी है। उन्होंने गौशाला में संरक्षित गोवंश, उनके रखरखाव और चारे की व्यवस्था का स्थलीय सत्यापन कराने की मांग की है। साथ ही, ग्राम पंचायत सचिव और चारा ठेकेदार की भूमिका की विभागीय जांच कराए जाने पर जोर दिया है।देवेंद्र हिंदू ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अनियमितता की पुष्टि होने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चारा ठेकेदार का ठेका निरस्त करने तथा ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित करने की मांग भी उठाई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और विभागीय जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।शिकायतकर्ता के मुताबिक, मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत का संदर्भ संख्या 40015126033246 है। इसे राजस्व एवं आपदा विभाग से संबंधित श्रेणी में दर्ज कराया गया है।अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। शिकायतकर्ता ने गौशाला की वास्तविक स्थिति का स्थलीय सत्यापन कराकर शिकायत का निष्पक्ष निस्तारण करने की मांग की है। जांच में यदि अनियमितताएं सामने आती हैं, तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
