तिलोई: डीएम-एसपी ने अस्पताल में मरीजों का जाना हाल! दोषी दुकानदारों और सप्लायर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई
October 29, 2026
तिलोई/अमेठी। जनपद के तिलोई तहसील अंतर्गत ग्राम कोटवा भदसाना में खस्ता और चाट खाने के बाद फूड प्वाइजनिंग की शिकायत सामने आई है। इसके चलते गांव के करीब 102 लोग बीमार हो गए, जिनमें 39 बच्चे और 63 वयस्क शामिल हैं। सभी में उल्टी और दस्त के समान लक्षण पाए गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हुई और मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अपनी टीम के साथ गांव पहुंचकर प्रभावित लोगों का उपचार कराया। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद भी जिन मरीजों की उल्टी और दस्त की समस्या में सुधार नहीं हुआ, उनमें से 17 लोगों को बेहतर उपचार के लिए 200 शैय्या जिला रेफरल चिकित्सालय तिलोई में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती मरीजों में 10 बच्चे और 7 वयस्क शामिल हैं। चिकित्सकों की निगरानी में सभी का उपचार किया जा रहा है। घटना के बाद जिलाधिकारी शशांक चैधरी एवं पुलिस अधीक्षक सरवणन टी ने संयुक्त रूप से अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों का हाल-चाल जाना तथा संबंधित चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य, उपचार की स्थिति और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि सभी मरीजों को बेहतर एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जाए। जिलाधिकारी शशांक चैधरी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती सभी मरीज स्वस्थ हैं और चिकित्सकों द्वारा उनका समुचित उपचार किया जा रहा है। अस्पताल में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा आवश्यकतानुसार सभी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रकरण में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की आशंका को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दुकानदारों एवं उनके सप्लायर के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन के अनुसार, दोषी पाए गए दुकानदारों और उनके सप्लायर के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के साथ ही घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
