शाहबाद। नगर पंचायत कार्यालय में हुए विवाद के बाद धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सभासद और पूर्व सभासद द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बाद अपनी हड़ताल वापस ले ली है। इसके साथ ही पिछले दो दिनों से चरमराई नगर की सफाई और पेयजल व्यवस्था पुनः पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
बुधवार को नगर पंचायत की टीम बकायेदारों की दुकानों पर तालाबंदी की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान मौजूदा सभासद और पूर्व सभासद का नगर पंचायत के लिपिक नावेद मियां से विवाद हो गया। आरोप है कि इसके बाद सभासद और पूर्व सभासद ने कार्यालय परिसर में पहुंचकर लिपिक के साथ मारपीट की तथा बीच-बचाव करने आए सफाईकर्मी के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
इस घटना से आक्रोशित नगर पंचायत के सभी कर्मचारी दरी बिछाकर कार्यालय परिसर में ही धरने पर बैठ गए और पूर्ण हड़ताल का ऐलान कर दिया। कर्मचारियों के काम बंद करने से पूरे नगर में सफाई और पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गुरुवार सुबह स्थिति को संभालते हुए चेयरमैनपति वसीम खां और अधिशासी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और कर्मचारियों को मनाने का प्रयास किया। हालांकि, कर्मचारी आरोपी सभासद और पूर्व सभासद द्वारा लिखित या प्रत्यक्ष माफी मांगने की जिद पर अड़े रहे।
अंततः दोपहर में चेयरमैनपति की मौजूदगी में सभासद और पूर्व सभासद खुद धरना स्थल पर पहुंचे और सभी कर्मचारियों से अपने व्यवहार के लिए माफी मांगी। माफी नामे के बाद कर्मचारियों ने संतुष्ट होकर अपना धरना समाप्त किया और काम पर वापस लौट गए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोतवाल धनंजय सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे।
