बार-बार होने वाली एसिडिटी सिर्फ गैस नहीं, पेट में हो सकता है ये बैक्टीरिया
October 07, 2026
क्या आपको भी बार-बार सीने में जलन, खट्टी डकारें या पेट फूलने की शिकायत रहती है? ज़्यादातर लोग इसे मामूली गैस की समस्या मान लेते हैं और इससे राहत पाने के लिए एंटासिड की गोली खा लेते हैं और भूल जाते हैं। लेकिन डॉक्टर शिवम कालिया (कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, फोर्टिस हॉस्पिटल नोएडा) की मानें तो बार-बार होने वाली एसिडिटी हमेशा मसालेदार खाने या तनाव की वजह से नहीं होती, इसके पीछे पेट में मौजूद एक बैक्टीरिया भी हो सकता है, जिसका नाम हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (H pylori) है।
यह बैक्टीरिया पेट की अंदरूनी परत में घुसकर उसे धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है, जिससे एसिडिटी, पेट में छाले यानि अल्सर और लगातार जलन जैसी समस्याएं होती हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि अगर इसका समय पर इलाज न हो, तो लंबे समय में यह पेट के कैंसर का खतरा बढ़ा सकती हैं। इससे गैस्ट्रिक कैंसर का खतरा काफी बढ़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इसे पेट के कैंसर के एक बड़े कारण के रूप में माना है।
गैस की समस्या में कब हो जाना चाहिए सावधानमहीनों से बार-बार एसिडिटी होना
खाना खाने के बाद लगातार पेट में भारीपन
बिना किसी वजह वज़न कम होना
काला मल या खून आना
भूख में अचानक कमी
अगर ये लक्षण लंबे समय से हैं, तो इसे मामूली गैस समझकर टालना सही नहीं है।
बार-बार गैस की समस्या होने पर क्या करें?
अगर आपको बार-बार गैस, एसिडिटी की समस्या रहती है तो घबराने की जरूरत नहीं है। हेलिकोबैक्टर पाइलोरी का पता एक साधारण सांस टेस्ट (ब्रीथ टेस्ट), खून की जांच या एंडोस्कोपी से लगाया जा सकता है। अगर यह बैक्टीरिया मिल जाए, तो एंटीबायोटिक दवाओं के एक छोटे कोर्स से इसका सफल इलाज संभव है।
पेट के कैंसर का बन सकता है कारण
सबसे अच्छी बात यह है कि आज की एडवांस्ड एंडोस्कोपी तकनीकों (जैसे NBI और हाई-डेफिनिशन एंडोस्कोपी) की मदद से पेट के कैंसर का बहुत शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकता है। उस स्टेज पर जब इलाज आसान और ज़्यादा असरदार होता है। इसलिए लगातार लक्षण रहने पर समय पर एंडोस्कोपी करवाना जान बचा सकता है।
याद रखें- बार-बार होने वाली एसिडिटी शरीर का एक संकेत है, उसे नज़रअंदाज़ न करें। समय पर जांच करवाना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।
