फुरसतगंज: सर पर सीताराम, फिकर अब क्या करना- संत बाल योगेश्वर महाराज
October 25, 2026
फुरसतगंज/अमेठी। फुरसतगंज स्थित मुक्ति साधना आश्रम में आयोजित सत्संग कार्यक्रम में संत श्री बाल योगेश्वर महाराज ने श्रद्धालुओं को भक्ति, विश्वास और समर्पण का संदेश दिया। उनके दिव्य प्रवचन सुनकर भक्तगण भाव-विभोर हो उठे। आश्रम परिसर में जय श्रीराम के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा। संत बाल योगेश्वर महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में भगवान पर अटूट विश्वास रखना चाहिए। जब व्यक्ति अपने जीवन की बागडोर प्रभु के हाथों में सौंप देता है, तो उसे अनावश्यक चिंताओं से मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा, “सर पर सीताराम, फिकर अब क्या करना।” यह केवल एक पंक्ति नहीं, बल्कि जीवन में विश्वास, भक्ति और समर्पण का गहरा संदेश है। महाराज ने कहा कि आज का मनुष्य छोटी-छोटी चिंताओं में उलझकर अपने जीवन की शांति खो रहा है। भविष्य की चिंता और परेशानियों के कारण वह वर्तमान का आनंद भी नहीं ले पाता। ऐसे में भगवान का स्मरण मन को शांति प्रदान करता है। व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए परिणाम प्रभु पर छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा और विश्वास मनुष्य को कठिन परिस्थितियों का सामना करने का साहस देते हैं। जीवन में सुख-दुख आते रहते हैं, लेकिन प्रभु का नाम लेने वाला व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रख सकता है। राम नाम का स्मरण मनुष्य के भीतर सकारात्मक विचार और आत्मबल पैदा करता है। संत श्री बाल योगेश्वर महाराज ने श्रद्धालुओं से अपने जीवन में भक्ति, सदाचार और अच्छे विचारों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रभु के प्रति समर्पण से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। इस अवसर पर फुरसतगंज क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। संत के प्रवचन सुनकर भक्तगण भाव-विभोर हो गए। पूरे आश्रम परिसर में जय श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे।
