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ओवरहेड टैंकों की मजबूती की होगी जांच, पेयजल की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं: हिमांशु कौशिक

• शाहपुर तिगरी में 2,250 किलोलीटर क्षमता वाले टैंक का          नगर आयुक्त ने किया भौतिक निरीक्षण
 • मरम्मत और अनुरक्षण की कार्ययोजना बनाने के निर्देश

सनेश ठाकुर 
मुरादाबाद (विधान केसरी)। मुरादाबाद में पेयजल व्यवस्था को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। शहर में बढ़ती पेयजल जरूरतों के बीच जलापूर्ति को सुरक्षित, सुचारु और भरोसेमंद बनाने के लिए नगर आयुक्त हिमांशु कौशिक ने जलकल विभाग की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने नलकूपों से लेकर ओवरहेड टैंकों तक पूरी जलापूर्ति व्यवस्था की पड़ताल की और पेयजल की गुणवत्ता के साथ-साथ टैंकों की संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शाहपुर तिगरी में 2,250 किलोलीटर क्षमता वाले ओवरहेड टैंक के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी खामियों की अनदेखी नहीं की जाएगी और जरूरत के अनुसार मरम्मत व अनुरक्षण की कार्ययोजना तैयार की जाए।
जलकल विभाग की व्यवस्थाओं का जायजा लेते नगर आयुक्त IAS हिमांशु कौशिक साथ में अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार, और महाप्रबंधक जल एवं अन्य विभागीय अधिकारी 
महानगर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित एवं सुचारु बनाने के लिए नगर निगम ने कवायद तेज कर दी है। नगर आयुक्त हिमांशु कौशिक ने रविवार को जलकल विभाग की पेयजल एवं सीवरेज व्यवस्था का औचक निरीक्षण कर जलापूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं की बारीकी से जानकारी ली। उन्होंने नलकूपों, ओवरहेड टैंकों, पंप हाउस और मशीनरी की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नियमित तकनीकी जांच, पेयजल परीक्षण और प्रभावी अनुरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने नगर निगम सीमा में संचालित 124 नलकूपों और 56 ओवरहेड टैंकों की क्रियाशीलता तथा इनके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में की जा रही पेयजल आपूर्ति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नलकूपों एवं ओवरहेड टैंकों के एससीएडीए (SCADA) सिस्टम से संचालन, जल भंडारण और वितरण प्रक्रिया को समझते हुए पूरी व्यवस्था की समीक्षा की।
जांच करते नगर आयुक्त IAS हिमांशु कौशिक
इसी क्रम में नगर आयुक्त ने शाहपुर तिगरी स्थित 2,250 किलोलीटर क्षमता वाले ओवरहेड टैंक का भौतिक निरीक्षण किया। उन्होंने टैंक की सीढ़ियों से ऊपर पहुंचकर उसकी संरचनात्मक स्थिति का अवलोकन किया और टैंक की मजबूती एवं रखरखाव की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद नलकूप के पंप हाउस और वहां स्थापित मशीनरी का भी निरीक्षण किया गया। नगर आयुक्त ने जलापूर्ति से जुड़े उपकरणों और संरचनाओं की स्थिति को लेकर संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली।
नियमित होगी पेयजल की गुणवत्ता जांच
महाप्रबंधक (जल) राम कैलाश ने नगर आयुक्त को नलकूपों से ओवरहेड टैंकों में पानी भरने तथा टैंकों से विभिन्न क्षेत्रों में जल वितरण की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महानगर में जलापूर्ति प्रातः और सायं 6 से 9 बजे तक की जाती है। नगर आयुक्त ने जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से पेयजल की गुणवत्ता पर जोर देते हुए नियमित अंतराल पर पानी के नमूनों की जांच कराने के निर्देश दिए। जलकल अभियंताओं से कहा गया कि केवल जलापूर्ति सुचारु रखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिकों तक पहुंचने वाले पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पेयजल परीक्षण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
सभी ओवरहेड टैंकों का होगा स्ट्रेंथ टेस्ट
नगर आयुक्त ने महानगर में संचालित सभी ओवरहेड टैंकों की संरचनात्मक स्थिति और मजबूती की तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी टैंकों का स्ट्रेंथ परीक्षण कराया जाए और परीक्षण में सामने आने वाली कमियों के आधार पर आवश्यक मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्यों की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने जलकल विभाग के अभियंताओं को निर्देशित किया कि टैंकों की तकनीकी स्थिति का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत और अनुरक्षण की योजना तैयार करके प्रस्तुत की जाए। इससे पेयजल भंडारण से जुड़ी संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ ही भविष्य में संभावित तकनीकी समस्याओं को समय रहते दूर किया जा सकेगा।
निरीक्षण करते नगर आयुक्त हिमांशु कौशिक,
तीन बिंदुओं पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए तीन प्रमुख बिंदुओं पर विशेष जोर दिया। इनमें नियमित पेयजल गुणवत्ता परीक्षण, सभी ओवरहेड टैंकों की मजबूती की तकनीकी जांच तथा मरम्मत एवं अनुरक्षण की कार्ययोजना तैयार करना शामिल है। नगर निगम का उद्देश्य तकनीकी जांच और समयबद्ध अनुरक्षण के माध्यम से महानगर की जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद बनाना है। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलापूर्ति से संबंधित व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी सुधार की आवश्यकता हो, वहां तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सुरक्षित और सुचारु पेयजल उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार, महाप्रबंधक (जल) राम कैलाश, अवर अभियंता (जल) अनिल कुमार सहित जलकल विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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