ध्रुव राठी ने सबसे पहले अपना पासपोर्ट दिखाते हुए कहा कि मैं भारतीय नागरिक था, भारतीय नागरिक हूं और हमेशा भारतीय नागरिक रहूंगा. जो लोग अफवाह फैला रहे हैं और मुझे हिरासत में लिए जाने को सही ठहरा रहे हैं जो कह रहे हैं कि मेरे पास विदेशी पासपोर्ट है, ये सब सरासर झूठ है. राठी ने कहा कि मैं एक भारतीय नागरिक हूं और मुझे भी विरोध प्रदर्शन का उतना ही अधिकार है, जितना देश के बाकी लोगों को है.
हिरासत में लिए जाने की स्टोरी सुनाते हुए उन्होंने कहा कि शनिवार सुबह करीब 7 बजे मैं अपने घर में सो रहा था और मेरी मम्मी ने सुबह जब दरवाजा खोला तो सादे कपड़ों में 20 लोग मेरी मम्मी को धक्का मारते हुए घर में घुसे. मैं सो रहा था और तभी ये सब मेरे बेडरूम में जबदरस्ती घुस गए. राठी ने आगे बताया कि इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाता इन लोगों ने मुझे मेरे बेडरूम से ही किडनैप कर लिया.
ध्रुव राठी ने कहा कि इसे डिटेंशन तब माना जाता, जब मैं प्रोटेस्ट में जाता. इसे गिरफ्तारी तब माना जाता, जब पुलिस वाले वर्दी में आते और मुझे बताते कि किन धाराओं और किस आरोप में मुझे गिरफ्तार किया जा रहा है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. राठी ने आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों ने गुंडे भेजकर सोते समय मुझे मेरे घर से किनडैप किया है. मेरे घर में उस वक्त सिर्फ मैं, मेरे पापा और मेरी मम्मी थे. बाकी कोई नहीं था
उन्होंने आगे कहा कि जब मैंने इनसे पूछा कि आप कौन हो, तो ये सीधा मुझे मेरे रूम से क्रिमिनल की तरह घसीट कर बाहर ले गए. मुझे कई जगह चोट भी लगी है. मुझे जूते-चप्पल तक नहीं पहनने दिया गया. मुझे घसीटते हुए जीप में ले जाकर बंद कर दिया.
राठी ने बताया कि मैं इन चीजों का कोई वीडियो इसलिए नहीं बना पाया क्योंकि मेरे बेडरूम में घुसने के बाद ही उन्होंने सीधा मेरा फोन छीन लिया. मेरे घरवालों का भी फोन छीन लिया गया. उन्होंने बताया कि मुझे करीब 22-23 घंटों तक थाने में बिठाकर रखा गया. न मुझे मेरे वकील से बात करने दी गई और ना ही उस दौरान फोन दिया गया.
