ज्ञानू ने सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बिना फॉर्म 6 में बदलाव कैसे किया? -अभिजीत दीपके
October 05, 2026
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को साफ किया कि उसने नए वोटरों के रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले 'फॉर्म-6' में किसी भी बदलाव को मंज़ूरी नहीं दी है. इसे लेकर अब देश में फिर से राजनीति गरमा गई है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसे लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को भारत का सबसे बड़ा गद्दार बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने राजनीति से प्रेरित होकर फैसला लिया है.
अभिजीत दीपके ने कहा, 'ज्ञानू ने सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बिना फॉर्म 6 में बदलाव कैसे किया? उसने किसके आदेश पर ऐसा किया? इससे एक बात साफ हो जाती है कि ज्ञानू अपनी मर्ज़ी से काम नहीं कर रहे थे. वह अपने राजनीतिक आकाओं के लिए काम कर रहे थे, भले ही इसके लिए उसे कानून के शासन से ऊपर उनके हितों को रखना पड़ा हो. ज्ञानू भारत का सबसे बड़ा गद्दार है. उसने मोदी और शाह के कहने पर फॉर्म 6 में बदलाव किया था.'
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अगर चुनाव आयोग का कोई फैसला कानून के मुताबिक नहीं पाया जाता है तो हम उसे रद्द कर देंगे. इस पर दीपके ने कहा, 'इतना ही काफी नहीं है. जो भी चीज कानून के मुताबिक नहीं पाई जाती, उसे गैर-कानूनी कहा जाता है और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति पर उसी के अनुसार आरोप लगाया जाना चाहिए.'
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सीईसी ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने से जुड़ी याचिकाओं पर अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि नागरिकों के वोटिंग अधिकार खतरे में हैं और सीईसी पक्षपाती हैं. इसी से जुड़ी एक दूसरी याचिका में 'फॉर्म 6' में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए और एसआईआर प्रक्रिया में बड़ी खामियों का आरोप लगाया.
