लम्भुआ/ सुलतानपुर। समाजवादी पार्टी ने लम्भुआ के एक निजी प्रतिष्ठान में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और छह अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन की रणनीति की जानकारी दी। पार्टी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लम्भुआ तहसील में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने की घोषणा की।
लम्भुआ विधानसभा क्षेत्र-190 से सपा की ओर से दावेदारी कर रहे जितेंद्र वर्मा उर्फ बाजीगर वर्मा ने कहा कि वह पिछले करीब एक दशक से लम्भुआ क्षेत्र के गांवों में संगठन को मजबूत करने के साथ पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और सर्वसमाज के लोगों के सम्मान एवं अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं।
उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी करते हुए कहा कि पार्टी ने अवसर दिया तो लम्भुआ सीट पर चुनाव लड़कर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनने पर पीडीए वर्ग के सम्मान और अधिकारों को लेकर काम किया जाएगा तथा विकास की मुख्यधारा से सभी वर्गों को जोड़ने का प्रयास होगा।
बाहरी होने के सवाल पर जितेंद्र वर्मा ने कहा कि उनकी ननिहाल लम्भुआ में है और उनका घर भी करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर है। लम्भुआ को उन्होंने अपनी कर्मभूमि बताते हुए कहा कि पूर्व में भाजपा के विधायक और पूर्व सांसद भी क्षेत्र से बाहर के रहे हैं, तब इस मुद्दे पर सवाल नहीं उठाया गया।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (ैप्त्) के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे जाने की आशंका है। पार्टी का कहना है कि इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इसी मुद्दे को लेकर छह अक्टूबर को लम्भुआ तहसील में प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपने की बात कही गई है। समाजवादी पार्टी चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और मतदाता अधिकारों को लेकर पहले भी चुनाव आयोग के समक्ष अपनी मांगें उठाती रही है।
विधानसभा अध्यक्ष सतपाल यादव ने बताया कि छह अक्टूबर का कार्यक्रम पार्टी के निर्देश पर आयोजित किया जाएगा। जिला सचिव हरकेश यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव प्रक्रिया में धांधली के आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परमात्मा यादव, भजन यादव, अखिलेश यादव समेत बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
