अमेठी। जनपद में आगामी त्योहारों के मद्देनजर आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा मिलावटी एवं नकली खाद्य सामग्री के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शशांक चैधरी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा की जा रही प्रवर्तन कार्यवाहियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग एवं औषधि विभाग द्वारा अब तक की गई छापेमारी, नमूना संग्रहण तथा उनके परिणामों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए जनपदभर में विशेष अभियान चलाया जाए और मिलावटखोरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में कम से कम 20-20 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त संबंधित उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) के साथ समन्वय स्थापित करते हुए प्रत्येक क्षेत्र में पांच-पांच संयुक्त छापेमारी अभियान भी संचालित किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्रवाई पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ की जाए तथा किसी भी व्यापारी को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। वहीं, मिलावट करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने व्यापारिक संगठनों एवं व्यापारियों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन के साथ-साथ व्यापारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सभी व्यापारी गुणवत्तापूर्ण एवं मानक अनुरूप खाद्य सामग्री का ही विक्रय करें तथा किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा अवैध गतिविधियों की सूचना प्रशासन को दें। जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक दुकानों, प्रतिष्ठानों एवं मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी कर खाद्य एवं औषधीय उत्पादों के नमूने संग्रहित किए जाएं। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान विशेष रूप से मिठाई की दुकानों, डेयरी प्रतिष्ठानों, होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंटों, मेडिकल स्टोरों, आबकारी दुकानों, दूध संग्रहण केंद्रों, मिड-डे मील, सरकारी उचित दर दुकानों तथा पोषाहार वितरण केंद्रों की सघन जांच की जाए तथा आवश्यकतानुसार नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे जाएं। विद्यालयों में संचालित मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) की गुणवत्ता को लेकर भी जिलाधिकारी ने विशेष चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं निर्धारित मानकों का परीक्षण करने के निर्देश दिए ताकि छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध हो सके। बैठक में जिलाधिकारी ने खाद्य प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदार्थों को अखबारी अथवा प्रिंटेड कागज में परोसने या पैक करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुकानदारों एवं उपभोक्ताओं को यह जानकारी दी जाए कि समाचार पत्रों एवं प्रिंटेड कागजों में प्रयुक्त स्याही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है, इसलिए खाद्य सामग्री को केवल सादे एवं सुरक्षित पैकेजिंग सामग्री में ही उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी ने पूर्व में छापेमारी के दौरान चिन्हित किए गए मिलावटखोरों एवं संदिग्ध प्रतिष्ठानों की सूची तैयार कर उनके यहां पुनः विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रतिष्ठान पर मिलावट अथवा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में न्यायालयों में लंबित खाद्य सुरक्षा एवं औषधि अधिनियम से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि दोषियों को अर्थदंड एवं सजा दिलाने के लिए सभी मामलों की नियमित निगरानी की जाए। बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योति सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अमेठीः सावधानः त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा, 20 दुकानों पर छापे के निर्देश
October 06, 2026
अमेठी। जनपद में आगामी त्योहारों के मद्देनजर आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा मिलावटी एवं नकली खाद्य सामग्री के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शशांक चैधरी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा की जा रही प्रवर्तन कार्यवाहियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग एवं औषधि विभाग द्वारा अब तक की गई छापेमारी, नमूना संग्रहण तथा उनके परिणामों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए जनपदभर में विशेष अभियान चलाया जाए और मिलावटखोरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में कम से कम 20-20 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त संबंधित उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) के साथ समन्वय स्थापित करते हुए प्रत्येक क्षेत्र में पांच-पांच संयुक्त छापेमारी अभियान भी संचालित किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्रवाई पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ की जाए तथा किसी भी व्यापारी को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। वहीं, मिलावट करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने व्यापारिक संगठनों एवं व्यापारियों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन के साथ-साथ व्यापारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सभी व्यापारी गुणवत्तापूर्ण एवं मानक अनुरूप खाद्य सामग्री का ही विक्रय करें तथा किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा अवैध गतिविधियों की सूचना प्रशासन को दें। जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक दुकानों, प्रतिष्ठानों एवं मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी कर खाद्य एवं औषधीय उत्पादों के नमूने संग्रहित किए जाएं। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान विशेष रूप से मिठाई की दुकानों, डेयरी प्रतिष्ठानों, होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंटों, मेडिकल स्टोरों, आबकारी दुकानों, दूध संग्रहण केंद्रों, मिड-डे मील, सरकारी उचित दर दुकानों तथा पोषाहार वितरण केंद्रों की सघन जांच की जाए तथा आवश्यकतानुसार नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे जाएं। विद्यालयों में संचालित मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) की गुणवत्ता को लेकर भी जिलाधिकारी ने विशेष चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं निर्धारित मानकों का परीक्षण करने के निर्देश दिए ताकि छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध हो सके। बैठक में जिलाधिकारी ने खाद्य प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदार्थों को अखबारी अथवा प्रिंटेड कागज में परोसने या पैक करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुकानदारों एवं उपभोक्ताओं को यह जानकारी दी जाए कि समाचार पत्रों एवं प्रिंटेड कागजों में प्रयुक्त स्याही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है, इसलिए खाद्य सामग्री को केवल सादे एवं सुरक्षित पैकेजिंग सामग्री में ही उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी ने पूर्व में छापेमारी के दौरान चिन्हित किए गए मिलावटखोरों एवं संदिग्ध प्रतिष्ठानों की सूची तैयार कर उनके यहां पुनः विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रतिष्ठान पर मिलावट अथवा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में न्यायालयों में लंबित खाद्य सुरक्षा एवं औषधि अधिनियम से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि दोषियों को अर्थदंड एवं सजा दिलाने के लिए सभी मामलों की नियमित निगरानी की जाए। बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योति सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
