गणेशपुर में सरकारी सिंचाई नाली पर कब्जे का मामला गरमाया, भाकियू (स्वाभिमान) ने तहसील प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी
मेरठ/मवाना। ग्राम गणेशपुर माजरा हजरतपुर में सरकारी सिंचाई नाली पर कथित अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। नाली पर अतिक्रमण से किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान यूनियन (स्वाभिमान) ने तहसील प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता अमित त्यागी गणेशपुर के नेतृत्व में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सरकारी नाली को तत्काल कब्जामुक्त कराने और सिंचाई व्यवस्था बहाल कराने की मांग की।
भाकियू (स्वाभिमान) के अनुसार, ग्राम गणेशपुर माजरा हजरतपुर में खसरा संख्या-24 में सरकारी सिंचाई नाली दर्ज है। संगठन का आरोप है कि चक संख्या-10 की पूर्व दिशा में स्थित इस नाली का करीब आधा हिस्सा पहले ही जोतकर खेत में मिला लिया गया था। नाली के शेष हिस्से में यूकेलिप्टिस के पेड़ लगाए जाने की भी बात कही गई। संगठन का कहना है कि मामले की शिकायत किए जाने के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सात अक्टूबर 2026 को नाली के बचे हुए हिस्से को भी जोतकर खेत में मिला दिया गया। इससे आसपास के किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचने का रास्ता बाधित होने का दावा किया गया है। किसानों का कहना है कि सरकारी सिंचाई नाली का मूल स्वरूप समाप्त होने से उन्हें फसलों की सिंचाई में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
संगठन ने प्रशासन से मांग की कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर नाली की तत्काल पैमाइश और सीमांकन कराया जाए। इसके बाद नाली की भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण को हटाकर उसे मूल स्वरूप में बहाल किया जाए। साथ ही नाली में लगाए गए पेड़ों और अन्य अवरोधों को हटाने तथा जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।
भाकियू (स्वाभिमान) ने ज्ञापन के माध्यम से तहसील प्रशासन को समयसीमा देते हुए कहा कि 15 अक्टूबर 2026 तक सरकारी सिंचाई नाली को कब्जामुक्त नहीं कराया गया और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 16 अक्टूबर को मेरठ मंडलायुक्त कार्यालय परिसर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंकने का कार्यक्रम किया जाएगा।
संगठन ने तहसील मवाना क्षेत्र में सरकारी नालियों और चकमार्गों से संबंधित कई मामलों के लंबित होने का भी दावा किया। पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में राजस्व अभिलेखों के आधार पर पैमाइश और सीमांकन कराकर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता अमित त्यागी गणेशपुर ने कहा कि किसानों की सिंचाई व्यवस्था से जुड़े सरकारी रास्तों और नालियों पर अतिक्रमण होने से सीधे तौर पर किसानों को परेशानी होती है। उन्होंने प्रशासन से मौके पर जांच कराकर राजस्व अभिलेखों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष मेरठ पुनीत त्यागी, नितिन कुमार, अंशुल, राधेश्याम, विकास कुमार, मोंटी गुर्जर, बब्बू, सोनू नेता जी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
