ट्रंप के UNGA के भाषण से आगबबूला हुए ईरान-क्यूबा, किया वॉकआउट
September 23, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में दिए भाषण के दौरान ईरान और क्यूबा के प्रतिनिधियों ने सदन से वॉकआउट कर दिया. मंगलवार को ट्रंप ने अपने संबोधन में ईरान के साथ पिछले छह महीनों से चल रहे सैन्य अभियानों और दोनों देशों के बीच संभावित समझौते का जिक्र किया. इसी दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सभा से बाहर निकल गए. बाद में क्यूबा के प्रतिनिधियों ने भी ट्रंप की टिप्पणियों के बाद सदन छोड़ दिया.
ट्रंप ने अपने संबोधन में ईरान को लेकर कहा कि उनके सामने बड़ा फैसला है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ईरान के साथ ऐसा समझौता किया जाए, जिससे वह दोबारा निर्माण कर सके और पहले से कहीं ज्यादा मजबूत देश बन सके.
ट्रंप ने इसके साथ यह भी कहा कि दूसरा विकल्प इस्लामिक रिपब्लिक को तेजी से खत्म करना है, ताकि उसे दोबारा लोगों और देशों को नुकसान पहुंचाने का मौका न मिले.
उन्होंने कहा, क्या मैं उन्हें बिना किसी भविष्य और आने वाली पीढ़ियों की उम्मीद के नरक में धकेल दूं? हालांकि, ट्रंप ने साथ ही उम्मीद जताई कि चुनाव के ठीक बाद ईरान के साथ समझौता हो सकता है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची वार्षिक महासभा के लिए न्यूयॉर्क में मौजूद थे. हालांकि, ट्रंप के भाषण के दौरान दोनों महासभा के मुख्य कक्ष में मौजूद नहीं थे.
उनकी जगह ईरान के जूनियर स्तर के अधिकारी और अन्य आधिकारिक प्रतिनिधि निर्धारित सीटों पर बैठे थे. अमेरिकी राष्ट्रपति के भाषण शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद ईरानी प्रतिनिधियों ने भी सदन छोड़ दिया.
ट्रंप ने अपने भाषण में क्यूबा को भी निशाने पर लिया. उन्होंने देश को पूरी तरह विफल राज्य बताया और कहा कि वहां जल्द आजादी आएगी. ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन क्यूबा की मौजूदा स्थिति में बुनियादी बदलाव लाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार इस समय पहले से कहीं ज्यादा दबाव में है.
ट्रंप ने कहा कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो क्यूबा के साथ बातचीत संभाल रहे हैं और बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है. उन्होंने कहा कि अब देखना होगा कि इसका नतीजा क्या निकलता है.
ट्रंप ने क्यूबा को लेकर कहा कि अमेरिका अपने दरवाजे पर विदेशी विरोधियों को धमकी देने के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने देगा. इसके बाद क्यूबा के प्रतिनिधियों ने भी महासभा की कार्यवाही से बाहर निकलने का फैसला किया.
