ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज करने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि दोनों पक्षों के हितों का ध्यान रखते हुए इस मामले में दायर याचिका का निपटारा कितने समय में करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के वकील को आयोग से निर्देश लेकर सूचित करने का निर्देश दिया। मामले पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को अगली सुनवाई करेगा।
बता दें कि पश्चिम बंगाल चुनाव में TMC की हार के बाद ममता बनर्जी को 15 साल बाद सत्ता गंवानी पड़ी थी। इसके बाद पार्टी के कई नेताओं ने बगावत कर दी। टीएमसी के 80 में से 58 विधायकों ने पार्टी से निकाले जा चुके संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में बगावत कर दी। बागी गुट ने ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता घोषित कर दिया, जिन्हें स्पीकर ने भी मान्यता दे दी। विधायकों के बाद बड़ी संख्या में सांसद भी बगावत कर पार्टी से अलग हो गए।
अभी पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं। उससे पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दोनों गुटों को चुनाव आयोग द्वारा अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए गए। ममता बनर्जी के गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिह्न मिला, जबकि ऋतब्रत बनर्जी ने नेतृत्व वाले दूसरे गुट को चुनाव आयोग द्वारा 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम दिया गया और उनका चुनाव चिन्ह 'लिफाफा' दिया गया है।
पार्टी का नया नाम और चुनाव चिह्न मिलने के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस को समर्थन दे दिया। उन्होंने अपने खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान (डे) का नामांकन वापस लेने के बाद इसकी घोषणा की। संचिता प्रधान ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद नाम वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि उनका गुट नंदीग्राम से कोई नया उम्मीदवार नहीं उतारेगा और कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देगा।
बता दें कि पश्चिम बंगाल की रेजिनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। उपचुनाव के लिए उम्मीदवार 16 सितंबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 19 सितंबर तक उम्मीदवार अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकेंगे।
