सोनभद्र। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश साहनी ने एक कार्यक्रम के दौरान निषाद समाज के लोगों को गंगा जल हाथ में लेकर शपथ दिलाई और समाज की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि समाज के हितों और सम्मान के लिए संगठित होकर संघर्ष करना होगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुकेश साहनी ने कहा, “जो हमें समझेगा, हम उसे समझेंगे।” उन्होंने कहा कि निषाद समाज को अपनी राजनीतिक ताकत का एहसास कराना होगा और अपने अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज उठानी होगी। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट रहने और अपने हितों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
मुकेश साहनी ने कहा कि निषाद समाज का गंगा और नदियों से सदियों पुराना संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज गंगा पुत्र है और मां गंगा की गोद में बसने वाला समाज है। उन्होंने कहा कि इस समाज ने हमेशा देश और समाज की सेवा की है, लेकिन इसके बावजूद उसे उसका उचित सम्मान और अधिकार नहीं मिल सका है।
अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि निषाद समाज को केवल राजनीतिक रूप से उपयोग किया जाता है, लेकिन उसके मूल मुद्दों का समाधान नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि समाज लंबे समय से आरक्षण सहित विभिन्न मांगों को उठा रहा है, लेकिन अब तक उस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज को उसका संवैधानिक और सामाजिक अधिकार मिलना चाहिए।
वीआईपी प्रमुख ने निषाद राजनीति से जुड़े नेताओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने डॉ. संजय निषाद का नाम लेते हुए कहा कि जो लोग समाज की लड़ाई लड़ने का दावा करते हैं, उन्हें निषाद समाज के व्यापक हितों के लिए खुलकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता सत्ता के दबाव में समाज के मूल मुद्दों को प्रभावी ढंग से नहीं उठा पा रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि राजनीतिक पद प्राप्त कर लेना ही समाज के विकास का पैमाना नहीं हो सकता, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को उसका अधिकार दिलाना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान मुकेश साहनी ने निषाद समाज के लोगों से सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक उसके अधिकारों की लड़ाई अधूरी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपने बच्चों की शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और राजनीतिक भागीदारी पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
सभा में मौजूद लोगों ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी और समाज के हितों से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम के दौरान समाज की एकजुटता, आरक्षण, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक सम्मान जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे।
