सोनभद्र, 26 सितंबर 2026।प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) ने अपनी लंबित मांगों तथा वर्ष 2024 के आंदोलन के दौरान शासन एवं विभागीय स्तर पर बनी सहमतियों पर अब तक कार्यवाही न होने के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को पूर्व सूचना पत्र भेजा गया है।
CHO संगठन का कहना है कि प्रदेश की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, लेकिन उनकी विभिन्न सेवा संबंधी एवं मूलभूत मांगें लंबे समय से लंबित हैं। वर्ष 2024 में हुए आंदोलन के दौरान शासन स्तर पर कई मांगों पर सहमति और समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
संगठन के अनुसार 28 और 29 सितंबर 2026 को प्रदेशभर के CHO अपने-अपने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराएंगे। इस दौरान वे स्वास्थ्य केंद्रों पर उपस्थित रहेंगे, लेकिन ऑनलाइन कार्य बंद रखेंगे।
वहीं 30 सितंबर 2026 को प्रदेश के CHO लखनऊ में एकत्रित होकर आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे तथा अनिश्चितकालीन धरने के संबंध में सामूहिक निर्णय लेंगे।
प्रमुख मांगें
CHO का पृथक कैडर बनाकर नियमितीकरण की स्पष्ट नीति लागू की जाए।
AB-HWC (आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) की ऑपरेशनल गाइडलाइन के अनुसार मानदेय दिया जाए।
परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव (PBI) को मासिक मानदेय में शामिल किया जाए।
नियमित भर्तियों में अनुभव के आधार पर CHO को वरीयता दी जाए।
रिक्त पदों पर स्थानांतरण की व्यवस्था लागू की जाए।
स्वास्थ्य बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा संबंधी सुविधाएं प्रदान की जाएं।
CHO संगठन ने मांग की है कि वर्ष 2024 के आंदोलन के दौरान बनी सहमतियों और आश्वासनों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तर पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाए।
