मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर पूछे गए सवाल पर नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय भारतीय जनता पार्टी का विषय है।
सोनभद्र। आगामी विधानसभा चुनाव-2027 को लेकर अपना दल (एस) ने संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में रविवार को सोनभद्र में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने और एनडीए गठबंधन को मजबूती प्रदान करने की रणनीति पर चर्चा की गई।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी नेताओं ने कहा कि अपना दल (एस) एनडीए गठबंधन का मजबूत सहयोगी है और आगामी चुनाव में गठबंधन के प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि जिस सीट पर एनडीए के किसी भी सहयोगी दल का प्रत्याशी होगा, वहां संगठन के कार्यकर्ता उसकी जीत के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
नेताओं ने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा पार्टी की उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने का अभियान चलाया जाएगा। आगामी चुनाव में सरकार के विकास कार्यों और पार्टी द्वारा जनहित के मुद्दों पर किए गए संघर्ष का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा जाएगा।
सम्मेलन में जातिगत जनगणना के मुद्दे पर भी पार्टी नेताओं ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अपना दल (एस) ने लंबे समय तक सदन, संसद और सड़क पर इस मांग को उठाया और सामाजिक न्याय के मुद्दों को मजबूती से आगे बढ़ाया। नेताओं ने दावा किया कि नीट में ओबीसी आरक्षण लागू कराने के लिए भी पार्टी ने प्रभावी भूमिका निभाई थी।
मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर पूछे गए सवाल पर नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय भारतीय जनता पार्टी का विषय है। एनडीए गठबंधन हमेशा एक टीम की तरह चुनाव लड़ता आया है और गठबंधन की परंपरा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की नहीं रही है।
सीट बंटवारे के संबंध में पार्टी नेताओं ने कहा कि अभी इस विषय पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है। समय आने पर एनडीए के सभी सहयोगी दल आपसी सहमति से सीटों का निर्धारण करेंगे। हालांकि पार्टी अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छुक है, लेकिन प्राथमिकता एनडीए की जीत सुनिश्चित करना है।
कार्यकर्ता सम्मेलन में संगठन को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। नेताओं ने कहा कि जिले से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है, ताकि 2027 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन को बेहतर परिणाम मिल सकें।
सम्मेलन के अंत में पार्टी नेताओं ने कहा कि आगामी चुनाव में केंद्र व प्रदेश सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ अपना दल (एस) के कार्यों और संघर्षों को भी जनता के बीच रखा जाएगा तथा इन्हीं मुद्दों के आधार पर जनसमर्थन मांगा जाएगा।
