सोनभद्र। राबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित एडीआर भवन में संचालित स्थायी लोक अदालत के हस्तक्षेप से बभनी थाना क्षेत्र के झिल्ली महुआ निवासी एक दम्पति को बड़ी राहत मिली। करीब डेढ़ वर्ष की कानूनी प्रक्रिया के बाद एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने सुलह-समझौते के आधार पर वादी दम्पति को 10 लाख रुपये की बीमा राशि का चेक प्रदान किया।
जानकारी के अनुसार झिल्ली महुआ, पोस्ट नधिरा निवासी सुरसतिया और रामलखन ने 24 अप्रैल 2025 को स्थायी लोक अदालत में वाद दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई थी। उनके पुत्र रामनरेश की 10 सितंबर 2020 को सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। मृतक ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी से 10 लाख रुपये का पर्सनल एक्सीडेंट बीमा कराया था, जिसकी वैधता 12 जून 2020 से 11 जून 2021 तक थी।
परिजनों द्वारा बीमा कंपनी को सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने के बावजूद बीमा दावा राशि का भुगतान नहीं किया गया। पहले कंपनी की ओर से भुगतान का आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में दावा स्वीकार करने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद पीड़ित दम्पति ने स्थायी लोक अदालत की शरण ली।
स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष नरेंद्र बहादुर प्रसाद के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता हुआ, जिसके आधार पर मामले का निस्तारण किया गया। इस दौरान वादी दम्पति को 5-5 लाख रुपये के दो चेक प्रदान किए गए। इस प्रकार कुल 10 लाख रुपये की बीमा राशि उन्हें उपलब्ध कराई गई।
अध्यक्ष नरेंद्र बहादुर प्रसाद ने बताया कि स्थायी लोक अदालत में बिजली, पानी, अस्पताल, परिवहन, बीमा, शिक्षा, डाक तथा नगर निकाय जैसी जनहित सेवाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई बिना किसी कोर्ट फीस के की जाती है।
स्थायी लोक अदालत के सदस्य नीरज सिंह ने कहा कि यहां सुलह-समझौते के माध्यम से मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाता है, जिससे आम लोगों को शीघ्र न्याय मिलता है। उन्होंने जिले के लोगों से इस व्यवस्था का लाभ उठाने की अपील की।
इस अवसर पर स्थायी लोक अदालत के सदस्य आशीष मिश्रा, अधिवक्ता अमित वर्मा, जमुना सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
