सुल्तानपुरः तहसीलदार प्रांजल त्रिपाठी ने किया आत्मसमर्पण, सशर्त रिहा! एसडीएम प्रीति जैन के खिलाफ हाईकोर्ट का जमानतीय वारंट बरकरार
September 08, 2026
सुल्तानपुर। सिविल अवमानना से जुड़े एक मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने लम्भुआ की तत्कालीन एसडीएम एवं वर्तमान सिटी मजिस्ट्रेट प्रीति जैन तथा तहसीलदार प्रांजल त्रिपाठी की अनुपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों के खिलाफ जमानतीय वारंट (ठॅ) जारी कर 18 सितंबर को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया है।मामले में सोमवार को लम्भुआ तहसीलदार प्रांजल त्रिपाठी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में आत्मसमर्पण कर जमानत अर्जी प्रस्तुत की। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह ने उन्हें हाईकोर्ट में निर्धारित तिथि पर उपस्थित होने की शर्त पर जमानत एवं मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया।वहीं, वर्तमान सिटी मजिस्ट्रेट प्रीति जैन के खिलाफ जारी जमानतीय वारंट अभी बरकरार है। उन्हें भी हाईकोर्ट के समक्ष निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर न्यायालय की कार्यवाही का सामना करना है।यह मामला लम्भुआ तहसील क्षेत्र के शहिनवा-हरिहरपुर गांव से जुड़ा है। गांव की ग्राम प्रधानध्प्रशासक गीता देवी ने वर्ष 2023 से संबंधित मामले में हाईकोर्ट द्वारा 23 अप्रैल को पारित आदेश का अनुपालन न होने का आरोप लगाते हुए सिविल अवमानना याचिका दाखिल की थी।अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान 18 अगस्त को निर्धारित तिथि पर दोनों अधिकारियों के न्यायालय में उपस्थित न होने पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ जमानतीय वारंट जारी किया था और अगली निर्धारित तिथि पर उपस्थित होने का आदेश दिया था।मामले में तहसीलदार प्रांजल त्रिपाठी ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर जमानत की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब उन्हें हाईकोर्ट में निर्धारित तिथि पर उपस्थित होना होगा। वहीं, एसडीएम प्रीति जैन के खिलाफ जारी वारंट की कार्रवाई अभी शेष है।
