मुंबई में ‘स्पेशल 26’ जैसा केस, इनकम टैक्स-क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर मांगी 1 करोड़ रुपये की रंगदारी
September 11, 2026
मुंबई की अंधेरी पुलिस ने फिल्म ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर फर्जी आयकर और क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर एक कारोबारी के घर पहुंचने, वहां से कारोबारी और उसकी पत्नी को जबरन गाड़ी में बैठाकर उनके बिजनेस परिसर में ले जाने, कर्मचारियों को बंधक बनाने और 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में आयकर विभाग का एक आयकर निरीक्षक और एक कर सहायक भी शामिल हैं। पुलिस की जांच में आयकर विभाग के एक और अधिकारी की भूमिका भी रडार पर आने की जानकारी है।
ये पूरा मामला अंधेरी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता राजकुमार कन्डासमी (49) के यहां पहले ड्राइवर के तौर पर काम करने वाले संतोष उदय खोपटकर (37) का उनसे विवाद हुआ था। विवाद के बाद राजकुमार ने संतोष को छह महीने का वेतन दिए बिना नौकरी से निकाल दिया था। पुलिस के मुताबिक, इसी बात से नाराज संतोष ने राजकुमार के बारे में अपने पास मौजूद पुरानी जानकारी का इस्तेमाल किया और अपने परिचित छह पुरुषों और तीन महिलाओं के साथ मिलकर कथित तौर पर फर्जी रेड की पूरी साजिश रची।
आरोप है कि फर्जी आयकर और क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर आरोपी सबसे पहले बिजनेसमैन राजकुमार कन्डासमी के घर पहुंचे। वहां उन्होंने खुद को आयकर विभाग के अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ आयकर विभाग की रेड है। इसके बाद आरोपियों ने कारोबारी और उनकी पत्नी को कथित तौर पर जबरन गाड़ी में बैठाया और उन्हें उनके बिजनेस परिसर में लेकर गए। जब आरोपी बिजनेस परिसर में पहुंचे, उस समय वहां कारोबारी के लिए काम करने वाले 11 कर्मचारी मौजूद थे। आरोपियों ने वहां भी खुद को आयकर विभाग और क्राइम ब्रांच का अधिकारी-कर्मचारी बताया और फर्जी सरकारी पहचान पत्र दिखाकर कार्रवाई का माहौल बनाया।
बिजनेस परिसर में पहुंचने के बाद आरोप है कि आरोपियों ने वहां लगे लैंडलाइन फोन के तार काट दिए, ताकि ऑफिस से बाहर किसी तरह का संपर्क न हो सके। इसके बाद कारोबारी, उनकी पत्नी और वहां मौजूद 11 कर्मचारियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए गए। आरोपियों ने कर्मचारियों को एक कमरे में बंद कर दिया और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। इसके बाद कारोबारी और उनकी पत्नी को आयकर विभाग की कार्रवाई का डर दिखाकर गाली-गलौज की गई और कार्रवाई से बचने के लिए 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई।
हालांकि, पूरी साजिश के दौरान कारोबारी को कुछ ऐसा महसूस हुआ जिससे उसे आरोपियों पर शक होने लगा। पुलिस के मुताबिक, तीन महिला आरोपियों के बोलचाल और हाव-भाव आयकर विभाग के अधिकारियों जैसे नहीं लग रहे थे। उनके व्यवहार और बातचीत के तरीके को देखकर कारोबारी को शक हुआ कि यह असली आयकर कार्रवाई नहीं है। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची और अंधेरी पुलिस ने जांच शुरू की।
पुलिस की जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया है कि गिरोह में शामिल दो आयकर अधिकारियों और दो अन्य आरोपियों ने बाकी लोगों को फर्जी रेड में एक्टिंग करने के लिए प्रति व्यक्ति 50 हजार रुपये देने का वादा किया था। यानी पूरी वारदात के लिए बाकायदा लोगों को अलग-अलग भूमिकाएं दी गई थीं। किसी को अधिकारी बनना था तो किसी को कर्मचारी की भूमिका निभानी थी, ताकि कारोबारी को पूरा ऑपरेशन असली आयकर छापे जैसा लगे।
