गौरीगंज/अमेठी। भगवान विश्वकर्मा जयंती के उपलक्ष्य में गुरुकुल ज्ञान एकेडमी, गौरीगंज में बुधवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने सृजन के देवता एवं दिव्य वास्तुकार भगवान विश्वकर्मा जी की विधिवत पूजा की। इस दौरान बच्चों ने भगवान विश्वकर्मा के आदर्शों को आत्मसात करने तथा सदैव सत्कर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बच्चों को भगवान विश्वकर्मा जी के जीवन, उनके सृजनात्मक कार्यों और संसार के दिव्य वास्तुकार एवं शिल्पकार के रूप में उनके महत्व के बारे में जानकारी दी गई। शिक्षकों ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा का जीवन परिश्रम, कौशल, रचनात्मकता और कर्मनिष्ठा का संदेश देता है। बच्चों को अपने कार्य के प्रति समर्पित रहने, ईमानदारी बरतने और मेहनत से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय के प्रबंधक ओ.पी. सिंह ने बच्चों एवं विद्यालय परिवार को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ मन, सकारात्मक सोच और पूर्ण ईमानदारी के साथ किया गया कार्य व्यक्ति को सफलता की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि जीवन में मेहनत के साथ अनुशासन और सदाचार का होना भी आवश्यक है। प्रबंधक ने बच्चों को निरंतर परिश्रम करने, बड़ों का सम्मान करने तथा अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का संदेश दिया। पूजा-अर्चना के दौरान विद्यालय परिसर में श्रद्धा का वातावरण बना रहा। बच्चों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया। विद्यालय परिवार ने भगवान विश्वकर्मा जी से सभी के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर श्रीमती निधि सिंह, श्रीमती संगीता त्रिपाठी, श्रीमती रजिया, श्रीमती शिल्पी कुन्दू सेन, कु. जागृति मोदनवाल, कु. कोमल यादव, श्रीमती पूजा सिंह, श्रीमती मंशा, श्रीमती सरला, श्रीमती साधना, श्रीमती प्रियंका, श्री लतेश पांडेय, स्कूल कोऑर्डिनेटर श्री अतुल मिश्रा, मो. आफताब, श्री प्रभात कुमार, श्री आलोक सिंह, कु. श्रुति पुंज, श्रीमती साक्षी सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
गुरुकुल ज्ञान एकेडमी में जयंती से पूर्व आयोजित हुआ पूजन कार्यक्रम, प्रबंधक ने बच्चों को मेहनत, ईमानदारी और अनुशासन का दिया संदेश
