सामान्य वर्ग संवैधानिक सुरक्षा अधिकार सम्मेलन में उठे आरक्षण, प्रतिनिधित्व और कानून के निष्पक्ष इस्तेमाल के मुद्दे
लंभुआ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में रविवार को निषाद पार्टी के तत्वावधान में सामान्य वर्ग संवैधानिक सुरक्षा अधिकार सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में सुलतानपुर की लंभुआ विधानसभा क्षेत्र से निषाद पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सेवार्थम फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. आशीष तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, समर्थक और प्रबुद्ध वर्ग के लोग शामिल हुए। आयोजन स्थल पर लोगों की भीड़ रही।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने संवैधानिक अधिकार, आरक्षण, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और कानून के निष्पक्ष इस्तेमाल से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यूजीसी से संबंधित नियम-कानूनों में समय और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक संशोधन किया जाना चाहिए।
एससी-एसटी कानून से जुड़े विषय पर डॉ. संजय निषाद ने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ फर्जी या झूठा मुकदमा दर्ज कराने की शिकायत सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए ऐसे प्रभावी प्रावधान होने चाहिए, जिससे जांच में शिकायत गलत पाए जाने पर निर्दोष व्यक्ति को जानबूझकर मुकदमे में फंसाने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई हो सके। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून का उद्देश्य निर्दोष व्यक्ति को परेशान करना नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने संवैधानिक अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे विषयों को उचित मंच पर मजबूती से उठाने की जरूरत है। उन्होंने इन मुद्दों को आगे भी सदन और सार्वजनिक मंचों पर उठाने की बात कही।51 किलो की माला पहनाकर किया स्वागत’सम्मेलन में डॉ. आशीष तिवारी की भूमिका’ ’प्रमुख रही।’
उन्होंने कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद का 51 किलो की माला पहनाकर स्वागत किया और उन्हें बजरंगबली की प्रतिमा भेंट की। पूर्व सांसद प्रवीण निषाद ने सम्मेलन में पहुंचे लोगों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।
डॉ. आशीष तिवारी ने कहा कि क्षेत्र की जनता से जुड़े मुद्दों को नेतृत्व तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। यूजीसी और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर क्षेत्र के लोगों की चिंताओं से उन्होंने डॉ. संजय निषाद को अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि सेवार्थम फाउंडेशन बिना भेदभाव जरूरतमंदों की सेवा के लिए लगातार काम कर रहा है और लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े रहने का प्रयास करता है।
सम्मेलन में आरक्षण, संवैधानिक अधिकार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और कानून के निष्पक्ष इस्तेमाल समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। लंभुआ से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी ने सम्मेलन में क्षेत्र की भागीदारी दर्ज कराई।
