Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

रुद्रपुर: 9 बजे भर्ती, 2 बजे आईसीयू और 4 बजे परिजन मरीज लेकर निकले! कृष्णा सेंटर से पार्क अस्पताल पहुंचते ही एक घंटे में मिली राहत, इलाज के तरीके पर उठे सवाल


रुद्रपुर। कृष्णा क्रिटिकल केयर सेंटर में मरीज के उपचार को लेकर सामने आए मामले में घटनाक्रम कई गंभीर सवाल खड़े करता है। परिजनों के अनुसार मरीज को सुबह करीब 9 बजे अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया मरीज की जांचें कराई गईं, लेकिन सुबह 9 बजे से दोपहर 4 बजे तक मरीज को अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी करीब 2 बजे मरीज को आईसीयू में भर्ती करने की बात कही गई और उसे आईसीयू में भर्ती भी किया गया परिजनों का आरोप है कि आईसीयू में रखने के बाद भी मरीज की हालत में कोई खास सुधार दिखाई नहीं दिया जब परिजनों ने उपचार में लगने वाले समय के बारे में सवाल किया तो उन्हें चार-पांच दिन आईसीयू में रखने की बात बताई गई साथ ही यह भी कहा गया कि यदि आईसीयू से फायदा नहीं हुआ तो मरीज को वेंटिलेटर पर रखना पड़ सकता है। लगातार बढ़ते खर्च और मरीज की हालत को लेकर परेशान परिजनों ने आखिरकार करीब 4 बजे मरीज को वहां से निकालने का निर्णय लिया

परिजन मरीज को रुद्रपुर के पार्क अस्पताल लेकर पहुंचे, जिसे पूर्व में मेड सिटी के नाम से जाना जाता था। परिजनों के मुताबिक मरीज को करीब 4रू30 बजे वहां इमरजेंसी में दिखाया गया और करीब 5रू30 बजे तक मरीज की हालत संतोषजनक हो गई यानी जिस मरीज को कृष्णा क्रिटिकल केयर सेंटर में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक रखने के बाद भी परिजनों को राहत नहीं मिली और करीब दो घंटे आईसीयू में रखा गया, उसी मरीज को दूसरे अस्पताल में पहुंचने के करीब एक घंटे के भीतर राहत मिलने का दावा परिजनों ने किया है। यह घटनाक्रम कृष्णा क्रिटिकल केयर सेंटर की उपचार पद्धति पर सवाल खड़ा करता है।

अस्पताल की सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। परिजनों के अनुसार अस्पताल की एक्स-रे मशीन खराब है। आरोप है कि इमरजेंसी अथवा आईसीयू में भर्ती मरीजों को एक्स-रे कराने के लिए अस्पताल से बाहर ले जाना पड़ता है और दूसरी जगह से जांच कराई जाती है।यदि किसी गंभीर मरीज को आईसीयू से बाहर ले जाकर एक्स-रे कराना पड़ रहा है तो यह अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं और मरीज की सुरक्षा के लिहाज से भी जांच का विषय है।

आईसीयू के बाहर मरीजों के परिजनों के बैठने या आराम करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की शिकायत भी सामने आई है। गंभीर मरीज के परिजन घंटों अस्पताल में रहते हैं, ऐसे में उनके लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होना भी जरूरी है।

अब सवाल यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले की जांच कब करेगा?

पार्ट-3- आयुष्मान, आईसीयू चार्ज और प्रशासन से सवाल

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |