Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

रुद्रपुर: क्रिटिकल केयर या डर का कारोबार?”


  • क्रिटिकल केयर सेंटर या ‘क्रिटिकल’ का खेल?
  • कृष्णा क्रिटिकल केयर सेंटर पर मरीजों को डराकर मोटी रकम वसूलने के गंभीर आरोप


रुद्रपुर। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित कृष्णा क्रिटिकल केयर सेंटर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मरीजों और उनके तीमारदारों को बीमारी की गंभीरता बताकर भयभीत करने, आईसीयू और वेंटिलेटर का डर दिखाने तथा जांच और उपचार के नाम पर भारी रकम वसूलने के आरोप सामने आए हैं।

मामला 31 तारीक का बताया जा रहा है। परिजनों के अनुसार एक मरीज को सुबह करीब 9 बजे कृष्णा क्रिटिकल केयर सेंटर लाया गया मरीज की जांचें कराई गईं, लेकिन परिजनों का आरोप है कि घंटों तक मरीज को अपेक्षित राहत नहीं मिली इसके बाद रिपोर्ट आने पर मरीज की हालत को लगातार गंभीर बताया गया और परिजनों को इतना भयभीत किया गया कि वे आगे के निर्णय को लेकर असमंजस में पड़ गए।

परिजनों के मुताबिक करीब दोपहर 2 बजे मरीज को आईसीयू में भर्ती करने की बात कही गई आईसीयू में भर्ती करने के बाद भी मरीज को अपेक्षित राहत नहीं मिली इसके बावजूद जांच और दवाइयों का सिलसिला चलता रहा परिजनों से कहा गया कि मरीज को चार-पांच दिन आईसीयू में रखना पड़ सकता है और यदि फायदा नहीं हुआ तो वेंटिलेटर की जरूरत पड़ सकती है।

परिजनों का कहना है कि ऐसे हालात में वे मानसिक रूप से पूरी तरह दबाव में आ गए और अस्पताल की हर बात मानने को मजबूर होते रहे सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मरीज की स्थिति इतनी गंभीर थी तो उसके उपचार के बावजूद घंटों में राहत क्यों नहीं मिली? और यदि स्थिति उतनी गंभीर नहीं थी तो परिजनों को आईसीयू और वेंटिलेटर का डर क्यों दिखाया गया? आरोप गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

शहर में कृष्णा क्रिटिकल केयर सेंटर के बड़े-बड़े प्रचारात्मक फ्लेक्स लगे हैं, जिनमें अस्पताल को गंभीर मरीजों के लिए आधुनिक उपचार केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। लेकिन सामने आए आरोप इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करते हैं। यदि किसी अस्पताल में मरीजों को इलाज के नाम पर घंटों तक राहत नहीं मिलती, आईसीयू में रखने के बाद भी परिजन परेशान रहते हैं और बाद में दूसरे अस्पताल में कम समय में मरीज की हालत संतोषजनक हो जाती है, तो स्वास्थ्य विभाग को इसकी जांच करनी चाहिए।

यह सिर्फ एक मरीज का मामला नहीं, बल्कि अस्पताल की उपचार व्यवस्था और मरीजों के अधिकारों से जुड़ा सवाल है।

पार्ट-2  मरीज का पूरा घटनाक्रम

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |