अमेठी। जिलाधिकारी शशांक चैधरी ने गुरुवार को जिले की गौशालाओं का औचक निरीक्षण कर गोवंशों के संरक्षण और उनके लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने वृहद गो संरक्षण केंद्र रोहसी बुजुर्ग और कान्हा गौशाला चैहनापुर पहुंचकर गोवंशों की स्थिति, चारा-पानी, साफ-सफाई, उपचार व्यवस्था और संबंधित अभिलेखों की गहनता से जांच की। निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीके शुक्ला ने बताया कि रोहसी बुजुर्ग गो संरक्षण केंद्र में 410 गोवंश, जबकि चैहनापुर कान्हा गौशाला में 158 गोवंश संरक्षित हैं। डीएम ने हरे चारे, भूसे, पशु आहार और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि किसी भी दशा में गोवंशों को भोजन और पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बीमार गोवंशों के उपचार की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए गौशाला परिसर में उनके लिए अलग स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए, ताकि बीमार पशुओं की बेहतर निगरानी और उपचार हो सके। साथ ही मृत गोवंशों के सुरक्षित एवं नियमानुसार निस्तारण के लिए पृथक भूमि चिन्हित करने को कहा। डीएम ने गौशालाओं में तैनात केयरटेकरों की संख्या, उपस्थिति और मानदेय भुगतान की स्थिति भी देखी। उन्होंने सभी कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति दर्ज कराने तथा मानदेय का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्टॉक पंजिका सहित अन्य अभिलेखों की जांच करते हुए उन्हें अद्यतन रखने और प्रतिदिन आवश्यक प्रविष्टियां करने को कहा। रोहसी बुजुर्ग गौ संरक्षण केंद्र को मॉडल गौशाला के रूप में विकसित करने के लिए ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सहभागिता योजना के तहत दुधारू गायों को कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को उपलब्ध कराने की प्रगति की भी समीक्षा की। वर्षा ऋतु को देखते हुए डीएम ने विशेष साफ-सफाई और जलभराव रोकने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में स्वच्छ वातावरण रहे और गोवंशों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। निरीक्षण के दौरान सीवीओ डॉ. जीके शुक्ला, नगर पालिका गौरीगंज के अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार सहित संबंधित अधिकारी, ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव मौजूद रहे।
रोहसी बुजुर्ग और चैहनापुर की गौशालाओं में व्यवस्थाओं का लिया जायजा, चारा-पानी की कमी न होने देने के निर्देश
